जातीय जनगणना पर राहुल गांधी के पत्र से गरमाई सियासत! सांसद संतोष पांडे बोले- ‘पहले बताएं, किस जाति के हैं राहुल गांधी?’

रायपुर: जातिगत जनगणना को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखे जाने के बाद बीजेपी सांसद संतोष पांडेय ने उन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राहुल गांधी जातिगत जनगणना की मांग कर रहे हैं, तो उन्हें पहले अपनी जाति के बारे में देश को बताना चाहिए।

सांसद संतोष पांडेय ने कहा, “पहले राहुल गांधी बताएं कि वे किस जाति से हैं? क्या राहुल गांधी पारसी हैं? देश को बताना चाहिए कि आखिर राहुल और प्रियंका किस जाति के हैं?” उनके इस बयान के बाद जातिगत जनगणना को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने के आसार हैं।

आदिवासी कांग्रेस की बैठक पर भी साधा निशाना

छत्तीसगढ़ में आदिवासी कांग्रेस की बैठक को लेकर भी सांसद संतोष पांडेय ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने आदिवासियों का शोषण किया है और उन्हें अपमानित करने के साथ जेल भेजने का काम किया गया।

उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान आदिवासियों की क्या स्थिति थी, यह सभी जानते हैं। बीजेपी सांसद ने कांग्रेस की आदिवासी राजनीति पर सवाल उठाते हुए पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए।

बीजेपी की मैराथन बैठक पर बोले- ‘शस्त्र मांजते रहते हैं’

वहीं बीजेपी की लगातार चल रही मैराथन बैठकों को लेकर भी सांसद संतोष पांडेय ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पार्टी की तैयारियों की तुलना युद्ध की तैयारी से करते हुए कहा कि “हम अपने शस्त्र को मांजते रहते हैं। शांति काल में भी बीजेपी युद्ध के लिए तैयार रहती है।”

उन्होंने कहा कि पार्टी में अलग-अलग कार्यक्रमों की समीक्षा की जा रही है और आने वाले दिनों में होने वाले कार्यक्रमों को लेकर रणनीति तैयार की जा रही है।

जातीय जनगणना पर सियासी बयानबाजी तेज

राहुल गांधी के पीएम मोदी को लिखे पत्र के बाद बीजेपी की ओर से आया यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब जातिगत जनगणना देश की राजनीति में एक अहम मुद्दा बनी हुई है। एक ओर विपक्ष लगातार सामाजिक और जातीय आंकड़ों को सामने लाने की मांग कर रहा है, वहीं बीजेपी नेताओं की ओर से विपक्ष के नेताओं के बयानों और मांगों पर पलटवार किया जा रहा है।

ऐसे में सांसद संतोष पांडेय के ताजा बयान ने इस मुद्दे पर छत्तीसगढ़ की सियासत में भी बयानबाजी को और हवा दे दी है।