बलरामपुर: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। त्रिकुंडा जलाशय बांध के लीकेज को ठीक करने के लिए पानी में उतारे गए एक बुजुर्ग की डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद मृतक के परिजनों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
घटना त्रिकुंडा थाना क्षेत्र के नावाडीह गांव की बताई जा रही है।
लीकेज ठीक करने पानी में उतारा गया था बुजुर्ग
मिली जानकारी के मुताबिक, त्रिकुंडा जलाशय बांध में लीकेज की समस्या सामने आई थी। इसे ठीक करने के लिए बुजुर्ग को पानी में उतारा गया था।
इसी दौरान वह गहरे पानी में चले गए और डूबने से उनकी मौत हो गई। हादसे की जानकारी मिलते ही मौके पर हड़कंप मच गया।
परिजनों का आरोप- तबीयत खराब थी, फिर भी काम पर ले गए
हादसे के बाद मृतक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बुजुर्ग की तबीयत पहले से खराब थी, इसके बावजूद उन्हें बांध में लीकेज ठीक करने के काम के लिए ले जाया गया।
परिजनों का यह भी आरोप है कि पानी में उतारते समय बुजुर्ग की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा के जरूरी साधन उपलब्ध कराए गए होते तो शायद यह हादसा टल सकता था।
हादसे के बाद थाने पहुंचे सिंचाई विभाग के अधिकारी
घटना की सूचना मिलने के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। स्थिति का जायजा लेने के बाद अधिकारी गांव से निकलकर त्रिकुंडा थाने पहुंचे, जहां मामले को लेकर आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों ने पूरे मामले की जांच कराने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बुजुर्ग को किन परिस्थितियों में बांध में उतारा गया था और सुरक्षा व्यवस्था में किस स्तर पर लापरवाही हुई। पुलिस हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है।
