भिलाई नगर: भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में सामने आए कथित लोहा चोरी मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग अब केंद्र सरकार के स्तर तक पहुंच गई है। वैशाली नगर के भाजपा विधायक रिकेश सेन की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भेजे गए पत्र पर गृह मंत्रालय और राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से कार्रवाई की गई है। इससे मामले में जांच को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।
गृह मंत्रालय ने पत्र इस्पात मंत्रालय को भेजा
विधायक रिकेश सेन ने 20 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भेजकर BSP में कथित लोहा चोरी मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की थी। इसके जवाब में 10 अगस्त को गृह मंत्री कार्यालय की ओर से पत्र जारी किया गया।
पत्र में बताया गया कि विधायक का पत्र प्राप्त हुआ है। चूंकि मामला इस्पात मंत्रालय से संबंधित है, इसलिए इसे आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित मंत्रालय को अग्रेषित कर दिया गया है।
राष्ट्रपति सचिवालय ने भी लिया संज्ञान
मामले में एक और अहम घटनाक्रम 11 अगस्त को सामने आया। राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से जारी पत्र में विधायक रिकेश सेन के 20 जुलाई के पत्र का उल्लेख करते हुए बताया गया कि उनके माध्यम से प्राप्त पत्र को भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के सचिव और गृह मंत्रालय के गृह सचिव को उचित ध्यानार्थ भेज दिया गया है।
इस घटनाक्रम के बाद BSP में कथित लोहा चोरी के मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग को केंद्र स्तर पर गंभीरता से लिए जाने की चर्चा तेज हो गई है।
BSP के दो अधिकारियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
कथित लोहा चोरी मामले में पुलिस की जांच का दायरा लगातार बढ़ा है। जांच संयंत्र के भीतर तक पहुंची और इस मामले में BSP के दो अधिकारियों की गिरफ्तारी भी सामने आई। इनमें GM हिमांशु भूषण मलिक और असिस्टेंट मैनेजर मनोज कुमार देवांगन के नाम शामिल हैं।
पुलिस की कार्रवाई के दौरान मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या अगस्त तक 17 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई थी।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
कथित लोहा चोरी मामले के बीच BSP की सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आ गई है। 28 जुलाई को संयंत्र की सुरक्षा में तैनात सात CISF जवानों के निलंबन की जानकारी सामने आई थी। विभागीय जांच में सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही की बात सामने आने की चर्चा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक रिकेश सेन लंबे समय से इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय गृह मंत्री और राष्ट्रपति सचिवालय तक पत्र भेजकर CBI जांच की मांग उठाई है।
अब गृह मंत्रालय और राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से पत्र संबंधित केंद्रीय अधिकारियों तक भेजे जाने के बाद सबकी नजर इस बात पर है कि केंद्र सरकार इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करती है।
