पति की मौत के बाद जोड़ी थी जिंदगी भर की पूंजी, भरोसेमंद निकला ठग! 6 लाख रुपये हड़पकर कर्ज चुकाता रहा आरोपी

कोरबा। पति की मौत के बाद भविष्य सुरक्षित करने के लिए एक विधवा महिला ने अपनी पूरी जमापूंजी निवेश करने का फैसला किया, लेकिन जिस व्यक्ति पर उसने भरोसा किया, वही उसकी जिंदगी की सबसे बड़ी ठगी का कारण बन गया। बीमा की रकम और ट्रैक्टर बेचकर जुटाए गए करीब छह लाख रुपये डाकघर में जमा कराने के नाम पर ले लिए गए, लेकिन बाद में खुलासा हुआ कि अधिकांश रकम कभी जमा ही नहीं हुई।

मामला उरगा थाना क्षेत्र के फरसवानी गांव का है। पीड़िता रिंकी राठौर के पति दीनदयाल राठौर का सितंबर 2021 में निधन हो गया था। परिवार के मुखिया के गुजर जाने के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी रिंकी के कंधों पर आ गई। इसी दौरान उसने पति के बीमा से मिली राशि को सुरक्षित निवेश करने की योजना बनाई, ताकि उससे मिलने वाले ब्याज के सहारे परिवार का खर्च चल सके।

इसी बीच परिचित प्रदीप बिंझवार ने खुद को डाकघर से जुड़ा बताते हुए अधिक ब्याज दिलाने का भरोसा दिया। महिला ने बताया कि घर में रखा ट्रैक्टर भी उपयोग में नहीं आ रहा था, इसलिए उसे बेच दिया गया। ट्रैक्टर बिक्री और बीमा की राशि मिलाकर करीब छह लाख रुपये जमा हुए, जिन्हें अगस्त 2022 में प्रदीप को डाकघर में निवेश कराने के लिए सौंप दिया गया।

समय बीतता गया और महिला यह मानकर चलती रही कि उसकी पूंजी सुरक्षित है। लेकिन नवंबर 2024 में जब उसने अपने खाते की जानकारी हासिल की तो उसके होश उड़ गए। जांच में पता चला कि उसके नाम पर केवल 50 हजार रुपये ही जमा किए गए थे, जबकि बाकी रकम का कोई रिकॉर्ड नहीं था।

इस खुलासे के बाद जब आरोपी से पूछताछ की गई तो उसने स्वीकार किया कि वह भारी कर्ज में डूबा हुआ था और महिला से ली गई रकम का बड़ा हिस्सा अपने कर्ज चुकाने में खर्च कर दिया। आरोपी के इस कबूलनामे ने पीड़िता को गहरे आर्थिक और मानसिक संकट में डाल दिया है।

रिंकी राठौर का कहना है कि पति की मौत के बाद यही रकम उसके और उसके परिवार के भविष्य का सहारा थी। उसी के भरोसे उसने आगे की जिंदगी की योजना बनाई थी, लेकिन अब उसके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

महिला ने पुलिस को ऑडियो और वीडियो सहित कई महत्वपूर्ण साक्ष्य भी सौंपे हैं। शिकायत के आधार पर उरगा थाना पुलिस ने 19 जून को आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी की भूमिका सहित सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

जांच आगे बढ़ने के साथ यह भी स्पष्ट होगा कि यह केवल भरोसे का फायदा उठाकर की गई ठगी थी या इसके पीछे कोई बड़ा वित्तीय खेल छिपा हुआ है।