छत्तीसगढ़ में ‘सफेद जहर’ पर सख्त वार! क्या बड़े रसूखदारों पर गिरने वाली है गाज?

 

रायपुर। छत्तीसगढ़ में अफीम की अवैध खेती को लेकर सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि इस गैरकानूनी धंधे में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा—चाहे वह कितना भी प्रभावशाली या रसूखदार क्यों न हो।

मुख्यमंत्री ने बताया कि दुर्ग जिले में अफीम की खेती का मामला सामने आने के बाद ही राज्य के सभी कलेक्टरों को सख्त निर्देश जारी कर दिए गए थे। पुलिस और प्रशासन द्वारा कई जगहों पर ऐसी खेती को चिन्हित कर कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने दो टूक कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे, जिससे अवैध खेती पर पूरी तरह रोक लग सके।

इसी बीच विपक्ष द्वारा केंद्र की विदेश नीति पर सवाल उठाने पर सीएम साय ने करारा जवाब दिया। उन्होंने नरेंद्र मोदी को एक मजबूत नेता बताते हुए कहा कि उनकी विदेश नीति के कारण भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर मिले हैं और गैस व तेल की आपूर्ति भी पहले से अधिक सुगम हुई है।

वहीं नक्सल मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का स्पष्ट लक्ष्य देश से नक्सलवाद का खात्मा करना है। 31 मार्च की तय समय सीमा के बीच लगातार नक्सलियों के आत्मसमर्पण हो रहे हैं, जिसमें पापाराव जैसे बड़े नाम का सामने आना एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने इसे राज्य और देश दोनों के लिए राहत भरी खबर बताते हुए कहा कि सरकार इस दिशा में लगातार और प्रभावी कदम उठा रही है।