Komal Punia IAS Story:
कभी खेतों में पसीना बहाते किसान पिता की बेटी ने वो कर दिखाया, जिसे सुनकर बड़े-बड़े सपने देखने वाले भी चौंक जाएं। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के नथोड़ी गांव की रहने वाली कोमल पुनिया ने पहले IPS बनकर सबको हैरान किया… लेकिन असली झटका तब लगा जब उन्होंने UPSC में 6वीं रैंक लाकर IAS बनकर इतिहास रच दिया।
बचपन से तेज, 2016 में CBSE टॉपर
कोमल बचपन से ही पढ़ाई में बेहद होशियार थीं। साल 2016 में उन्होंने CBSE परीक्षा में टॉप कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा दिया था। 6वीं से 12वीं तक की पढ़ाई उन्होंने जवाहर नवोदय विद्यालय से पूरी की।
12वीं के बाद उन्होंने इंजीनियरिंग की राह चुनी और कड़ी मेहनत के दम पर आईआईटी रुड़की में चयन हासिल किया। यहां से बीटेक की डिग्री लेने के बाद उन्होंने ठान लिया कि अब लक्ष्य सिर्फ और सिर्फ सिविल सेवा है।
पहली बार UPSC में मिली असफलता
सिविल सेवा परीक्षा का सफर आसान नहीं था। पहली बार जब कोमल ने UPSC परीक्षा दी, तो वह असफल रहीं। यह वो पल था, जब कई लोग हार मान लेते हैं… लेकिन कोमल ने नहीं। उन्होंने अपनी गलतियों को समझा, खुद को और मजबूत किया।
दूसरी कोशिश में बनीं IPS
दूसरे प्रयास में उन्होंने UPSC में 47वीं रैंक हासिल की और IPS बन गईं। परिवार और गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। लेकिन कोमल का सपना अभी अधूरा था। बचपन में देखा गया IAS बनने का सपना उन्हें चैन से बैठने नहीं दे रहा था।
तीसरी बार मचाया धमाका – 6वीं रैंक के साथ बनीं IAS
साल 2024 में उन्होंने फिर से परीक्षा दी। इस बार जो हुआ, उसने सबको चौंका दिया। कोमल पुनिया ने UPSC में 6वीं रैंक हासिल की और IAS बन गईं।
किसान परिवार की बेटी ने न सिर्फ अपना सपना पूरा किया, बल्कि पूरे इलाके का नाम रोशन कर दिया।
परिवार भी कम नहीं
कोमल के बड़े भाई विश्वेंद्र सिंह आईआईटी रुड़की में प्रोफेसर हैं, जबकि उनकी बड़ी बहन रितिका पूनिया फिरोजाबाद के एक इंटर कॉलेज में शिक्षिका हैं।
आज परिवार को अपनी बेटी पर गर्व है, लेकिन इस सफलता के पीछे सालों की तपस्या, असफलता का दर्द और अटूट हौसला छिपा है।
