“IAS-IPS को भेजे गए ‘तुरंत पैसे भेजो’ मैसेज!” — अफसर का नंबर हैक, QR कोड से वसूली की कोशिश; लोकेशन छत्तीसगढ़ बताई जा रही

रायपुर/लखनऊ। बुधवार शाम प्रशासनिक हलकों में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष का पर्सनल मोबाइल नंबर हैक होने की जानकारी सामने आई। हैकर ने अफसर के नाम और पद का दुरुपयोग करते हुए कई IAS-PCS अधिकारियों को मैसेज और QR कोड भेजकर 20 हजार, 40 हजार और 48 हजार रुपये तक की मांग कर डाली।

मैसेज का लहजा ऐसा था मानो खुद उपाध्यक्ष किसी “तत्काल जरूरत” में रकम मांग रहे हों—और दो दिन में पैसे लौटाने का भरोसा भी दिया गया था।


📲 अफसरों की सतर्कता से टली ठगी

सूत्रों के मुताबिक, जिन अधिकारियों को संदेश मिला वे उपाध्यक्ष की कार्यशैली से परिचित थे। उन्हें तुरंत शक हुआ और किसी ने भी रकम ट्रांसफर नहीं की। मामले की सूचना मिलते ही उपाध्यक्ष ने संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार को अवगत कराया।

पुलिस की साइबर टीम देर रात तक मोबाइल नंबर को हैकर के नियंत्रण से मुक्त कराने और डिजिटल ट्रेल खंगालने में जुटी रही। समय रहते सतर्कता बरतने से आर्थिक नुकसान टल गया।


🛰️ लोकेशन ट्रेस, छत्तीसगढ़ कनेक्शन?

तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस किए जाने की बात सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी में लोकेशन छत्तीसगढ़ बताई जा रही है। पुलिस टीम संदिग्ध तक पहुंचने की कार्रवाई में जुटी है।

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि उपाध्यक्ष का निजी नंबर हैक हुआ था और संबंधित नंबर से प्राप्त किसी भी कॉल/मैसेज पर अगली सूचना तक प्रतिक्रिया न देने की अपील की गई है।


🔐 क्या सीख मिलती है?

यह घटना संकेत देती है कि साइबर अपराधी अब उच्च पदस्थ अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल कर “विश्वसनीयता” के सहारे ठगी की कोशिश कर रहे हैं।

सावधानी के लिए:

  • किसी भी “तत्काल पैसे भेजो” संदेश की स्वतंत्र पुष्टि करें।

  • केवल आधिकारिक माध्यम/कॉल पर ही भरोसा करें।

  • संदिग्ध QR कोड या लिंक स्कैन न करें।

  • तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें।