रेगिस्तान में चल रही थी नशे की फैक्ट्री! 2 करोड़ की MD बरामद, 50 किलो ड्रग्स बनाने से पहले मचा हड़कंप

राजस्थान में ड्रग्स माफिया पर सबसे बड़ी चोट, गुप्त लैब का भंडाफोड़, 3 आरोपी दबोचे

जालोर | स्पेशल रिपोर्ट
राजस्थान की शांत धरती के नीचे छुपा था एक ऐसा ज़हरखाना, जो देशभर में तबाही मचाने की तैयारी में था। लेकिन वक्त रहते नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB)एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और जालोर पुलिस की संयुक्त टीम ने इस खौफनाक साजिश को नाकाम कर दिया।

करड़ा थाना क्षेत्र के कालबियो का गोलिया, खारा इलाके में चल रही एक गुप्त MD ड्रग्स फैक्ट्री पर छापा मारते हुए टीम ने करीब ₹2 करोड़ की मेफेड्रोन (MD) बरामद की है।


🧪 ऑपरेशन “प्रयोगशाला” में खुला काला सच

यह सनसनीखेज कार्रवाई 04 फरवरी 2026 को गुप्त सूचना के आधार पर की गई। ऑपरेशन को नाम दिया गया था—
👉 “प्रयोगशाला”,
और जैसे ही टीम अंदर दाखिल हुई, नज़ारा चौंकाने वाला था।

एक अस्थायी लेकिन पूरी तरह तैयार रासायनिक ड्रग्स लैब, जहां मौत का नशा तैयार किया जा रहा था।


💰 ₹2 करोड़ की MD जब्त, 50 किलो बनाने की थी तैयारी

छापेमारी में मौके से 4.910 किलोग्राम MD बरामद की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये आंकी गई है।

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी सिर्फ यहीं नहीं रुकने वाले थे—
👉 वे करीब 50 किलो MD तैयार करने की योजना पर काम कर रहे थे।


⚙️ फैक्ट्री से बरामद खतरनाक सामान

टीम को मौके से बड़ी मात्रा में कच्चा माल और अत्याधुनिक उपकरण मिले, जिनमें शामिल हैं:

  • 4 ड्रम अज्ञात रसायन

  • 1 स्टरर मशीन

  • बोरोसिल कांच जार (20,000 ml)

  • बोरोसिल जार (2,000 ml) – 4

  • चुंबकीय स्टरर (हॉट प्लेट सहित) – 2

  • वजन मशीन – 2

  • रबर पाइप – 1

  • थर्मामीटर – 1

ये सभी संकेत देते हैं कि ड्रग्स का खेल बड़े स्तर पर चलने वाला था