हर साल रंगों का त्योहार होली पूरे देश में उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता है, लेकिन होली 2026 को लेकर इस बार लोगों के मन में जबरदस्त कन्फ्यूजन है। वजह है—साल का पहला चंद्र ग्रहण, जो होली के आसपास ही लगने जा रहा है।
कहीं कहा जा रहा है कि होली 3 मार्च को है, तो कहीं दावा किया जा रहा है कि 4 मार्च को रंग खेलना शुभ रहेगा। ऐसे में सवाल उठता है—
👉 आखिर होली कब मनाई जाएगी?
👉 क्या ग्रहण का पड़ेगा होलिका दहन पर असर?
आइए जानते हैं पंचांग के अनुसार पूरी सच्चाई।
🌑 Holika Dahan 2026: ग्रहण के बीच जलेगी होलिका?
पंचांग के अनुसार, चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि 3 मार्च 2026 को है और इसी दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण भी लग रहा है।
📌 चंद्र ग्रहण समय:
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शुरुआत: दोपहर 2:26 बजे
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समाप्ति: शाम 6:24 बजे
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार होलिका दहन प्रदोष काल में किया जाता है। ग्रहण समाप्त होने के बाद ही पूजा शुभ मानी जाती है।
⏰ होलिका दहन का शुभ मुहूर्त:
👉 शाम 6:27 बजे से रात 8:49 बजे तक
👉 यानी ग्रहण समाप्त होते ही होलिका दहन किया जाएगा और पूजा पर ग्रहण का कोई अशुभ प्रभाव नहीं पड़ेगा।
✔ निष्कर्ष:
होलिका दहन 3 मार्च 2026 को ही होगा।
🎨 Holi 2026 Date: रंगों की होली किस दिन?
होलिका दहन के अगले दिन चैत्र कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि होती है और इसी दिन रंगों की होली खेली जाती है।
📅 पंचांग के अनुसार:
👉 होली का पर्व 4 मार्च 2026 (बुधवार) को मनाया जाएगा।
इस दिन देशभर में लोग गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को रंग लगाएंगे। मथुरा-वृंदावन, बरसाना और ब्रज क्षेत्र में होली की रौनक देखते ही बनती है।
❗ क्यों फैला होली की तारीख को लेकर भ्रम?
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एक ही दिन पूर्णिमा + चंद्र ग्रहण
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सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे
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पंचांग की सही जानकारी का अभाव
इसी वजह से लोग 3 और 4 मार्च को लेकर भ्रमित हो रहे हैं।
🔔 अंतिम फैसला: होली कब है?
✔ 3 मार्च 2026 – होलिका दहन
✔ 4 मार्च 2026 – रंगों की होली
