गरियाबंद: कक्षा चौथी की अर्द्धवार्षिक परीक्षा के अंग्रेजी प्रश्नपत्र में मोना के कुत्ते के नाम के विकल्प के तौर पर ‘राम’ का नाम शामिल किए जाने पर हिन्दू संगठनों ने गरियाबंद में जमकर प्रदर्शन किया। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने शनिवार को डीईओ का पुतला फूंका और प्राथमिकी दर्ज करने के लिए थाने में ज्ञापन दिया।
मामले का विवरण:
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प्रश्नपत्र में पूछा गया था: “मोना के कुत्ते का क्या नाम है?”
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विकल्पों में ‘राम’ का नाम शामिल था, जिसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला बताते हुए विरोध किया गया।
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प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा विभाग और डीईओ जगजीत सिंह धीर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पृष्ठभूमि:
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महासमुंद जिले में इसी सवाल पर विरोध हुआ था, जिसके बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने डीईओ विजय कुमार लहरे को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
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डीईओ ने बताया कि परीक्षा तिथियों में दो बार संशोधन होने की वजह से मुद्रित प्रश्नपत्र का उपयोग किया गया था। संचालनालय ने इसे अनुपयुक्त माना और अधिकारी को दोषी पाया।
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गरियाबंद में यह मुद्दा उभरने के बाद लोक शिक्षण संचालनालय और स्थानीय प्रशासन की संभावित कार्रवाई पर नजरें लगी हुई हैं।
डीईओ का बयान:
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डीईओ जगजीत सिंह धीर ने कहा कि गरियाबंद के अलावा अन्य 14 जिलों के लिए एक ही जगह से प्रश्न पत्र भेजा गया था।
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इस बयान के बाद पूरे संचालनालय पर सवाल उठे हैं कि कैसे एक ही प्रश्नपत्र में यह विवाद पैदा हुआ, और आगे की कार्रवाई पर सबकी निगाहें हैं।
