अंबिकापुर।
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर में नेशनल हाईवे की मरम्मत को लेकर बड़ा भ्रष्टाचार सामने आया है। शहर के भीतर करीब 6 से 7 करोड़ रुपये की लागत से किए गए नेशनल हाईवे सड़क मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत के चलते यह काम केवल औपचारिकता बनकर रह गया।
जानकारी के अनुसार, कड़ाके की ठंड के बीच रात करीब 12 बजे सड़क की टायरिंग का काम शुरू किया गया। स्थानीय लोगों ने रात में हो रहे कार्य का विरोध भी किया, लेकिन जल्दबाजी में बिना मानकों का पालन किए मरम्मत पूरी कर दी गई।
सुबह होते ही उखड़ गई सड़क
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि सड़क मरम्मत में घटिया डामर का इस्तेमाल किया गया। नतीजा यह हुआ कि रात में बनाई गई सड़क सुबह होते ही पूरी तरह उखड़ गई। जब नगर निगम के कर्मचारी सुबह सफाई के लिए पहुंचे तो वे भी हालात देखकर हैरान रह गए। इसके बाद उखड़ी हुई सड़क का मलबा ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर हटाया गया, जिससे साफ जाहिर होता है कि मरम्मत कार्य केवल दिखावे के लिए किया गया था।
जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतने बड़े घोटाले के बावजूद स्थानीय जनप्रतिनिधि खामोश नजर आ रहे हैं। पिछले दो वर्षों से जर्जर सड़क के कारण आम जनता परेशान है। बरसात के मौसम में सांसद, विधायक और महापौर द्वारा गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण के दावे किए गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी वैसी ही बनी हुई है।
आगे और बड़े खेल की आशंका
जानकारों का कहना है कि करीब 10 किलोमीटर सड़क की पेंच रिपेयरिंग के नाम पर लगभग 7 करोड़ रुपये का भुगतान निकाला जा सकता है, जबकि कुछ महीनों बाद इसी सड़क का करीब 42 करोड़ रुपये की लागत से नए सिरे से निर्माण प्रस्तावित है। ऐसे में मौजूदा मरम्मत कार्य को सिर्फ कागजी खानापूर्ति माना जा रहा है।
NH अधिकारियों का पक्ष
इस मामले में नेशनल हाईवे विभाग के सब इंजीनियर ने सफाई देते हुए कहा कि रात में रोलर खराब हो जाने के कारण 5 से 7 मीटर सड़क उखड़ गई। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पूरा मामला Ambikapur NH Road Scam का स्पष्ट उदाहरण है। यदि जल्द ही निष्पक्ष जांच और कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता का आक्रोश सड़कों पर उतर सकता है।
