नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी की समस्याओं के बीच अब एयरलाइन पर करीब 59 करोड़ रुपये का GST जुर्माना लगाया गया है। इंडिगो ने इस संबंध में स्टॉक एक्सचेंज को जानकारी दी है।
एयरलाइन की ओर से दी गई फाइलिंग के मुताबिक, CGST दिल्ली साउथ कमिश्नरेट के एडिशनल कमिश्नर ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए इंडिगो पर 58,74,99,439 रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही विभाग ने GST की अतिरिक्त मांग भी की है।
ऑपरेशनल दिक्कतों के बीच आया झटका
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब इंडिगो पिछले कुछ दिनों से क्रू की कमी और अन्य कारणों की वजह से सैकड़ों फ्लाइट्स की कैंसिलेशन और देरी से जूझ रही है। इससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा है।
इंडिगो का क्या कहना है?
इंडिगो का कहना है कि टैक्स अधिकारियों का यह आदेश गलत है। कंपनी के मुताबिक,
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मेरिट के आधार पर उसका केस मजबूत है
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बाहरी टैक्स सलाहकारों की राय भी उसके पक्ष में है
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वह इस आदेश को उचित प्राधिकरण के सामने चुनौती देगी
एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि इस GST ऑर्डर का कंपनी की वित्तीय स्थिति, ऑपरेशंस या अन्य गतिविधियों पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
2,000 से ज्यादा फ्लाइट्स का संचालन
इंडिगो ने बताया कि बदले हुए और सीमित शेड्यूल के बावजूद वह शुक्रवार को 2,000 से ज्यादा फ्लाइट्स ऑपरेट कर रही है।
विंटर शेड्यूल (अक्टूबर के आखिरी हफ्ते से मार्च के आखिरी हफ्ते तक) के तहत इंडिगो को घरेलू रूट्स पर:
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हर हफ्ते 15,014 फ्लाइट्स
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यानी प्रतिदिन करीब 2,144 फ्लाइट्स
संचालित करने की अनुमति दी गई थी।
एयरलाइन के अनुसार, शुक्रवार को खराब मौसम के कारण केवल चार फ्लाइट्स कैंसिल हुईं, जबकि 1,950 से अधिक उड़ानों का सफल संचालन किया गया। इंडिगो ने दावा किया कि सभी प्रभावित यात्रियों को समय रहते सूचना दी गई और उसके सभी 138 ऑपरेशनल डेस्टिनेशन पूरी तरह कनेक्टेड रहे।
