Delhi Blast Case: दिल्ली ब्लास्ट केस में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक और गिरफ्तारी की है। जांच एजेंसी ने फरीदाबाद के धौज गांव से शोएब को गिरफ्तार किया है। शोएब पर आरोप है कि उसने दिल्ली बम धमाके से ठीक पहले आतंकवादी उमर की मदद की।
दिल्ली में बीते 10 नवंबर को लाल किले के पास कार में हुए विस्फोट में 10 लोगों की मौत हुई और 25 अन्य घायल हुए। दिल्ली ब्लास्ट में अब तक 17 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी हैं।
आतंकी उमर को दी थी लॉजिस्टिक की मदद
एनआईए के जांचकर्ताओं का कहना है कि कार विस्फोट से पहले शोएब ने उमर को लॉजिस्टिक मदद उपलब्ध कराई। दिल्ली ब्लास्ट की जांच जुटी एनआईए देश भर में अलग-अलग जगहों पर छापा मारते हुए इस हमले में संलिप्त लोगों को गिरफ्तार कर रही है। जांच एजेंसी इस टेरर मॉड्यूल के तह तक पहुंचना चाहती है।
धार्मिक उपदेशक को गिरफ्तार किया
NIA ने गुरुवार को तीन चिकित्सकों और एक धार्मिक उपदेशक को गिरफ्तार किया। इसके बाद चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 10 दिनों की रिमांड पर भेजा गया। इन लोगों को 10 नवंबर को लाल किले के निकट हुए कार विस्फोट के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था जिसमें 15 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हुए थे। विस्फोट के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मुजम्मिल गनई, अदील राथर और शाहीना सईद के साथ-साथ मौलवी इरफान अहमद वागे को गिरफ्तार किया था।
विस्फोट मामले की एनआईए कर रही जांच
एनआईए के एक प्रवक्ता ने बताया था कि इन सभी ने आतंकवादी हमले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमें कई निर्दोष लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हुए थे। उनकी हिरासत एनआईए को सौंपे जाने के साथ ही केंद्रीय एजेंसी द्वारा आरोपित लोगों की संख्या छह हो गई है। एनआईए ने 11 नवंबर को आधिकारिक तौर पर इस मामले को अपने हाथों में लिया था। समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक, एनआईए पहले ही दो लोगों आमिर राशिद अली और जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश को गिरफ्तार कर चुकी है। डॉ. उमर-उन-नबी विस्फोटकों से भरी कार चला रहा था और उसने अली के नाम पर कार कथित तौर पर खरीदी थी।
