रायपुर: छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने से पहले ही राज्य में अवैध धान परिवहन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। 1 से 16 नवंबर 2025 के दौरान लगभग 19,320 क्विंटल धान जब्त किया गया है। इसके लिए सीमावर्ती जिलों में चेकपोस्ट और कलेक्टर की अध्यक्षता में टॉस्कफोर्स बनाए गए हैं। साथ ही मार्कफेड के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से धान खरीदी व्यवस्था की सतत निगरानी की जा रही है।
मार्कफेड के आंकड़ों के अनुसार, अवैध धान जब्ती में महासमुंद जिले में सबसे अधिक 4,266 क्विंटल, बलरामपुर में 4,139 क्विंटल और सूरजपुर में 1,750 क्विंटल धान जप्त किया गया। इसके अलावा अन्य जिलों में भी धान जब्त की गई, जिनमें रायगढ़, जशपुर, कोण्डागांव, सरगुजा और बस्तर जिले शामिल हैं।
विशेष कार्रवाई के तहत कोंडागांव जिले की टीम ने 600 बैग (231.5 क्विंटल) अवैध धान अलर्ट पर मौके पर जप्त किया। सीमावर्ती जिलों में निगरानी बढ़ाने और अलर्ट-रिस्पॉन्स सिस्टम के चलते अन्य राज्यों से धान की अवैध आमद को रोकने में सफलता मिली।
एक मामले में ग्राम त्रिशूली, थाना सनवाल क्षेत्र में अशोक सिंह के घर के बाहर बने शेड में 222 कट्टा धान जब्त किया गया। तहसीलदार, थाना प्रभारी, महिला पुलिस और मंडी कर्मचारियों की मौजूदगी में विधिवत जप्ती की कार्रवाई पूरी की गई।
शासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी में किसी भी अनियमितता या अवैध गतिविधि को हर स्तर पर जीरो टॉलरेंस के साथ रोका जाएगा। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रियल-टाइम निगरानी और सतत् निरीक्षण के माध्यम से अवैध धान परिवहन को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाया जा रहा है।
