रायपुर: सूदखोरी और अवैध कारोबार से जुड़ा वीरेंद्र तोमर उर्फ रूबी पुलिस की पूछताछ में लगातार मनगढ़ंत कहानियां सुना रहा है। पुलिस ने वीरेंद्र के घर से कोरे स्टांप पेपर और संपत्ति के दस्तावेज जब्त किए थे, लेकिन वह अपनी आय का वास्तविक स्रोत नहीं बता पा रहा है और संपत्ति को वैध बताने का प्रयास कर रहा है।
वीरेंद्र के छोटे भाई रोहित तोमर अभी भी फरार हैं, हालांकि सूत्रों के अनुसार रोहित सरेंडर करने की योजना बना रहे हैं। वीरेंद्र की गिरफ्तारी पुरानी बस्ती थाने में दर्ज सूदखोरी, एक्सटार्शन और आर्म्स एक्ट के मामलों में हुई थी।
पुलिस पूछताछ में वीरेंद्र ने बताया कि दोनों भाई टिकरपारा थाना क्षेत्र के पुजारी नगर में किराए के मकान में रहते थे। शुरुआत में उन्होंने अंडा ठेला और किराए का ऑटो चलाया, बाद में फल कारोबार शुरू किया। इस दौरान जमा हुई रकम का कुछ हिस्सा उन्होंने खोमचा और ठेला वालों को ब्याज पर देना शुरू किया, जो बाद में सूदखोरी में बदल गया।
सूत्रों के मुताबिक, वीरेंद्र विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में था और विभिन्न राजनीतिक दलों से संपर्क में था। करणी सेना की आड़ में उसने धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए। हालांकि, पिछले चार-पाँच सालों में उसने खुद को सूदखोरी से दूरी बनाने का दिखावा किया, लेकिन यह काम उसने अपने भाई रोहित और भतीजे दिव्यांश के जरिए जारी रखा।
पुलिस वीरेंद्र और उसके परिवार के अन्य सदस्यों के संपत्ति के स्रोत और अवैध लेन-देन की जांच कर रही है। वीरेंद्र शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
