आतंकी डॉक्टर की चाल नाकाम: मां की बीमारी का बहाना बनाकर भागने की कोशिश, लंच के बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दबोचा

सहारनपुर के फेमस अस्पताल में OPD में बैठा था जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा आतंकी डॉक्टर आदिल अहमद, गिरफ्तारी से पहले बना रहा था फरार होने की साजिश

सहारनपुर। जम्मू-कश्मीर से जुड़े आतंक नेटवर्क की जांच में एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सहारनपुर के अंबाला रोड स्थित फेमस मेडिकेयर अस्पताल में कार्यरत डॉ. आदिल अहमद को गिरफ्तार करने से कुछ ही घंटे पहले उसने भागने की पूरी योजना बना ली थी। लेकिन, उसकी चाल जम्मू-कश्मीर पुलिस की तत्परता के आगे नाकाम हो गई।

मां की बीमारी का बहाना बनाकर मांगी छुट्टी

जानकारी के मुताबिक, डॉ. आदिल अहमद (MD, मेडिसिन) सोमवार को ओपीडी में मरीजों को देख रहा था। तभी उसे भनक लग गई कि जम्मू-कश्मीर पुलिस सहारनपुर में उसकी तलाश में पहुंच रही है। उसने तुरंत अस्पताल के डायरेक्टर मनोज मिश्रा से कहा कि उसकी मां की तबीयत बहुत खराब है और उसे तुरंत घर जाना है। अस्पताल प्रशासन ने मानवीय आधार पर उसे छुट्टी दे दी।

फरारी की साजिश ऐसे बनी थी

छुट्टी लेने के बाद डॉ. आदिल ने अपने साथी डॉ. बाबर को फोन किया और कहा कि वह उसे सरसावा छोड़ दे, जहां से वह बस पकड़कर चंडीगढ़ जाना चाहता था। वहां से उसकी योजना कश्मीर के लिए फ्लाइट पकड़ने की थी।
डॉ. बाबर ने लंच के बाद चलने को कहा और दोनों एक रेस्टोरेंट में बैठकर खाना खाने लगे। उसी दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और आदिल को धर दबोचा।

हॉस्पिटल डायरेक्टर ने बताया पूरा घटनाक्रम

फेमस मेडिकेयर अस्पताल के डायरेक्टर मनोज मिश्रा ने बताया,

“छह नवंबर को डॉ. आदिल ने कहा कि उसकी मां की तबीयत बहुत खराब है और वह घर जाना चाहता है। हमने छुट्टी दे दी थी। बाद में पता चला कि उसे जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकी गतिविधियों के मामले में गिरफ्तार किया है।”

कश्मीर में लगाए थे आतंकी पोस्टर

पुलिस जांच के मुताबिक, डॉ. आदिल अहमद जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग का रहने वाला है और वह जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन में पोस्टर लगाने की साजिश में शामिल था। बीते महीने श्रीनगर में जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर लगने से तनाव फैल गया था। 28 अक्टूबर को मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने CCTV फुटेज से उसकी पहचान की थी।

ट्रांजिट रिमांड पर कश्मीर ले जाई गई पुलिस

जम्मू-कश्मीर पुलिस डॉ. आदिल को तीन दिन के ट्रांजिट रिमांड पर कश्मीर ले गई है। जांच एजेंसियां अब उसके संपर्कों, फंडिंग नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की छानबीन कर रही हैं।