सहारनपुर से फरीदाबाद तक फैला आतंक का जाल, जांच एजेंसियों के निशाने पर यूनिवर्सिटी और फंडिंग नेटवर्क
लखनऊ। दिल्ली बम ब्लास्ट के बाद देशभर में मचे हड़कंप के बीच अब एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। फरीदाबाद से गिरफ्तार की गई महिला डॉक्टर शाहीन शाहिद को लेकर जांच एजेंसियों ने बड़ा पर्दाफाश किया है। शाहीन न सिर्फ पकड़े गए आतंकी डॉक्टर मुजम्मिल शकील की सहयोगी थी, बल्कि उसकी गर्लफ्रेंड भी थी। और सबसे चौंकाने वाली बात — वह अपनी कार में AK-47 और जिंदा कारतूस लेकर घूमती थी!
डॉक्टर नहीं, ‘लेडी टेरर’ थी शाहीन शाहिद
फरीदाबाद में छापेमारी के दौरान शाहीन शाहिद के पास से AK-47, 83 कारतूस और संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि शाहीन के संपर्क पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े थे।
शाहीन का नाम अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा हुआ पाया गया है, और अब जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि कहीं यूनिवर्सिटी की आड़ में आतंकी फंडिंग या नेटवर्किंग का खेल तो नहीं चल रहा था।
जांच एजेंसियों की बड़ी पड़ताल
जांच टीमें शाहीन की कॉल डिटेल्स, बैंक ट्रांजेक्शन और दिल्ली से कश्मीर तक की यात्राओं की पूरी जांच कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, उसके फोन में कई संदिग्ध नंबर सेव मिले हैं जो पाकिस्तान और खाड़ी देशों से जुड़े हो सकते हैं।
सहारनपुर से शुरू हुआ खुलासा
इस पूरे नेटवर्क की सुई तब घूमी जब जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 7 नवंबर को सहारनपुर से डॉ. आदिल अहमद नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आदिल ने बताया कि वह डॉ. मुजम्मिल शकील और शाहीन शाहिद के संपर्क में था और पोस्टर कैंपेन के जरिए जैश-ए-मोहम्मद का प्रचार कर रहा था।
धौज गांव बना विस्फोटक अड्डा
पुलिस जांच में सामने आया है कि डॉ. मुजम्मिल शकील ने फरीदाबाद के धौज गांव में तीन महीने पहले किराये पर कमरा लिया था। वह खुद वहां नहीं रहता था, बल्कि वहां सिर्फ सामान रखा जाता था। जब पुलिस ने छापा मारा तो कमरे से 360 किलो विस्फोटक सामग्री, एक असॉल्ट राइफल, तीन मैगजीन, पिस्टल, टाइमर डिवाइस, बैटरियां और अन्य उपकरण बरामद किए गए।
जांच अधिकारियों का मानना है कि यह किसी बड़े आतंकी साजिश की तैयारी थी, जो दिल्ली-एनसीआर को दहला सकती थी।
