ठंडी रात में गरम हुआ रायपुर! अनुकंपा नियुक्ति की मांग पर धरने से गूंजा कलेक्ट्रेट, पुलिस पहुंची मौके पर

दिवंगत पंचायत शिक्षकों के परिजनों ने ठंड की परवाह किए बिना दिया धरना — बोले, “हमें न्याय नहीं मिला तो उग्र आंदोलन होगा”

रायपुर। राजधानी रायपुर में सोमवार देर रात जय छत्तीसगढ़ महतारी चौक कलेक्ट्रेट परिसर के सामने अनुकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर दिवंगत पंचायत शिक्षकों के परिजनों ने धरना प्रदर्शन किया। biting ठंड के बावजूद प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट के सामने डटे रहे और शासन से तत्काल नियुक्ति देने की मांग करते रहे।

धरने में शशांक साहूअश्वनी सोनवानी (प्रांत अध्यक्ष, दिवंगत पंचायत शिक्षक अनुकंपा संघ छत्तीसगढ़) और राजेश्वरी दुबे (उपाध्यक्ष) सहित कई सदस्य शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सरकार वर्षों से दिवंगत शिक्षकों के परिवारों की अनदेखी कर रही है, जबकि उन्हें संविधान और नियमों के तहत अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार है।

धरने की सूचना मिलते ही SDM सौरव कुमारतहसीलदार और सिविल लाइन थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने पहले शांतिपूर्ण तरीके से समझाइश देकर धरना समाप्त कराने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे। सूत्रों के मुताबिक, यदि प्रदर्शनकारियों ने धरना खत्म नहीं किया, तो पुलिस को बलपूर्वक हटाने की कार्रवाई करनी पड़ सकती है।

प्रदर्शनकारी संघ ने कहा कि लंबे समय से दिवंगत शिक्षकों के परिवार आर्थिक तंगी और सामाजिक परेशानियों से जूझ रहे हैं, पर सरकार उनकी सुनवाई नहीं कर रही। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे राज्यव्यापी आंदोलन करेंगे।

धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने बैनर और प्लेकार्ड लेकर नारेबाजी की — “न्याय दो, सम्मान दो”, “अनुकंपा नियुक्ति अब नहीं तो कब?” जैसी आवाजों से पूरा कलेक्ट्रेट परिसर गूंज उठा।

प्रशासन ने बताया कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन रात भर पुलिस बल तैनात रहेगा ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। वहीं प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा — “हम तब तक नहीं हटेंगे, जब तक शासन लिखित में नियुक्ति का भरोसा नहीं देता।”

धरना प्रदर्शन ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है — क्या दिवंगत पंचायत शिक्षकों के परिवारों को उनका हक मिलेगा या फिर उनकी आवाजें ठंडी हवाओं में गुम हो जाएंगी?