बीजापुर: उसूर ब्लॉक के आवापल्ली स्वास्थ्य केंद्र में दो माह के शिशु की मौत के बाद हड़कंप मच गया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर और ड्यूटी में रही नर्स की लापरवाही के कारण बच्चा अपनी जान गंवा बैठा। घटना के बाद परिजन गम और आक्रोश में हैं।
सूत्रों के अनुसार, सुबह 9 बजे बच्चे को हल्का बुखार, खांसी और सर्दी की शिकायत के चलते स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। परिजनों के मुताबिक, डॉक्टर ने प्राथमिक इलाज में सिरप और भाप दिए बिना सीधे हाथ में कैनुला लगाकर लगातार इंजेक्शन देना शुरू कर दिया। जब परिजनों ने उचित इलाज की मांग की, तो उन्हें डॉक्टर और नर्स ने रोक दिया। इसके बाद बच्चे की मौत हो गई।
परिजनों का कहना है कि डॉक्टर और नर्स की लापरवाही से ही यह हादसा हुआ है और प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, बीएमओ डॉ. उमेश ठाकुर ने कहा कि बच्चे को निमोनिया की गंभीर समस्या थी और स्वास्थ्य केंद्र में नॉर्मल ट्रीटमेंट किया गया। उनका कहना है कि परिजन भावुक हैं और इस वजह से उन्होंने इस तरह का आरोप लगाया।
प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फॉरेंसिक टीम और स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा सभी पहलुओं की समीक्षा की जा रही है।
