रायपुर: छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में सक्रिय मोस्ट वांटेड नक्सली बंडी प्रकाश उर्फ प्रभात ने हथियार डालकर सरेंडर कर दिया है। बंडी प्रकाश ने यह कदम तेलंगाना के डीजीपी के सामने उठाया। वह दोनों राज्यों में लंबे समय से वांटेड था, और छत्तीसगढ़ में उस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
सूत्रों के अनुसार, बंडी प्रकाश पिछले कुछ समय से किसी बीमारी से जूझ रहा था। लगातार हो रहे एनकाउंटर और CCM रूपेश के सरेंडर के बाद उसने भी पुलिस से संपर्क किया और डीजीपी के सामने हथियार डाल दिए।
बंडी प्रकाश, मंचेरियल जिले के मंदामरी का रहने वाला है। 1982-84 के बीच ‘गांव चलो आंदोलन’ के माध्यम से रेडिकल स्टूडेंट्स यूनियन (RSU) के लिए संघर्ष किया था। इसके बाद वह माओवादी पार्टी के संपर्क में आया और सिंगरेनी वर्कर्स यूनियन का अध्यक्ष बनकर राज्य समिति का सदस्य बना।
छत्तीसगढ़ में वह दक्षिण बस्तर के राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में सक्रिय था और संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ लेवी वसूली का काम करता था। नक्सल संगठन के विभिन्न डिवीजन में पैसे की लेन-देन और करोड़ों रुपये के हिसाब-किताब का जिम्मा इसी के पास था।
सरेंडर के बाद सुरक्षा बलों में राहत की सांस है और पुलिस अब बंडी प्रकाश से जुड़े नेटवर्क और आर्थिक लेन-देन की पड़ताल करेगी।
