नारायणपुर में माओवादी क्षेत्र में खुला पुलिस कैम्प, नक्सलवाद के खिलाफ मजबूत कदम
ईदवाया में नया कैम्प स्थापित, ग्रामीणों को सुरक्षा और विकास की उम्मीद; आत्मसमर्पण की दिशा में बढ़ी पहल
नारायणपुर: वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नारायणपुर पुलिस ने माओवाद प्रभावित क्षेत्र में लगातार चल रहे “माड़ बचाओ” अभियान के तहत ग्राम ईदवाया में नवीन पुलिस कैम्प स्थापित किया। इस कदम का उद्देश्य नक्सल विरोधी अभियानों को सशक्त बनाना और स्थानीय लोगों तक विकास योजनाओं को पहुँचाना है।
थाना ओरछा के ईदवाया क्षेत्र में स्थापित इस कैम्प में नारायणपुर पुलिस डीआरजी, बस्तर फॉईटर और आईटीबीपी की 29वीं, 38वीं, 44वीं, 45वीं वाहिनी ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली। कैम्प की स्थापना से आसपास के ग्रामीणों में सुरक्षा और उत्साह का माहौल देखा गया।
पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुड़िया ने ग्रामीणों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनी और बिजली, नल-जल, शिक्षा, स्वास्थ्य व सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही “जन समस्या निवारण शिविर” का आयोजन भी कराया जाएगा। जल्द ही नारायणपुर से बेड़माकोटी तक बस सुविधा शुरू की जाएगी।
ग्रामीणों ने नक्सलियों द्वारा हुए अत्याचारों की संवेदना व्यक्त की और कहा कि पुलिस कैम्प खुलने से अब वे भय मुक्त जीवन जी सकेंगे। कैम्प स्थापना के प्रभाव से नक्सल समर्थक लोग भी सुरक्षा महसूस कर आत्मसमर्पण की ओर बढ़ रहे हैं।
नारायणपुर पुलिस ने वर्ष 2025 में कुतुल, कोडलियर, बेडमाकोटी, पदमकोट, कान्दुलपार, नेलांगूर, पांगूड, रायनार और ईदवाया जैसे माओवादी आश्रय स्थलों में नवीन कैम्प खोले हैं। इन प्रयासों से नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण पाया जा रहा है। वर्ष 2024 से अब तक 192 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, वहीं 99 माओवादियों को मार गिराया और 117 गिरफ्तार किया गया।
नवीन कैम्पों की स्थापना से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की पहुंच मजबूत होगी, स्थानीय लोगों को नक्सल हिंसा से राहत मिलेगी और सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, चिकित्सा, मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी जैसी मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा। यह पहल नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष को और मजबूत करेगी।
