केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का शुभारंभ किया, कहा — बस्तर से नक्सलवाद का अंत शीघ्र होगा
जगदलपुर से शुरू हुई मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के पहले चरण में 250 गांव बस सेवा से जुड़ेंगे, बस्तर और सरगुजा में 34 मार्गों पर होगी बसों की शुरुआत
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र से नक्सलवाद के अंत और विकास की नई दिशा की ओर कदम बढ़ाते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को जगदलपुर से मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उनके साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी मौजूद रहे। अमित शाह और मुख्यमंत्री साय ने यात्रियों से भरी बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और इस ऐतिहासिक पहल के लिए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
अमित शाह ने कहा कि “बस्तर और सरगुजा के सुदूर अंचल अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ेंगे। डबल इंजन की सरकार छत्तीसगढ़ को शांति और समृद्धि के मार्ग पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। बस्तर से लाल आतंक का अंत शीघ्र होगा और यहां के लोग विकास से विश्वास की यात्रा में सहभागी बनेंगे।” उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल परिवहन सुविधा देगी, बल्कि ग्रामीण जीवन को नई ऊर्जा और संभावनाएं भी प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि “मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का उद्देश्य उन गांवों तक बस सेवा पहुंचाना है, जो अब तक इस सुविधा से वंचित रहे हैं। इससे लोग कम लागत में समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच पाएंगे। यह योजना जनसुविधाओं को बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।”
योजना के पहले चरण में बस्तर और सरगुजा को प्राथमिकता:
सरकार ने योजना के पहले चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग को प्राथमिकता दी है। इन क्षेत्रों में 34 मार्गों पर 34 बसों का संचालन शुरू होगा, जिससे 11 जिलों के करीब 250 गांव पहली बार बस सेवा से जुड़ेंगे। यह उन ग्रामीण इलाकों के लिए वरदान साबित होगा, जहां अब तक सड़क संपर्क सीमित था और लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती थी।
ग्राम पंचायत से जिला मुख्यालय तक निर्बाध कनेक्टिविटी:
इस योजना का मुख्य लक्ष्य ग्राम पंचायत से जिला मुख्यालय तक सीधी बस कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है। इससे ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार जैसी सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी। सरकार ने योजना के सतत संचालन के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग का प्रावधान किया है, जिससे बस संचालकों को आर्थिक सहयोग मिलेगा और वे इन दूरस्थ इलाकों में निरंतर सेवा दे सकेंगे।
ग्रामीण विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम:
इस योजना के तहत पहली बार इतने बड़े पैमाने पर 250 गांव बस नेटवर्क से जुड़ेंगे। इससे ग्रामीणों को सुरक्षित, समयबद्ध और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि “हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी गांव विकास की मुख्यधारा से न छूटे। यह योजना सामाजिक और आर्थिक समानता की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित होगी।”
