बस्तर की परंपरा को सलाम: केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह मांझी-चालकी अभिनंदन भोज में हुए शामिल

बस्तर की परंपरा को सलाम: केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह मांझी-चालकी अभिनंदन भोज में हुए शामिल

जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित भोज में केंद्रीय गृहमंत्री ने बस्तर के पारंपरिक व्यंजनों की सराहना की, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक बताया


रायपुर। केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शनिवार को जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित मांझी-चालकी, मेम्बर एवं मेम्बरीन के सम्मान में हुए अभिनंदन भोज में शामिल हुए। यह आयोजन बस्तर दशहरा पर्व से जुड़ी परंपराओं का एक अहम हिस्सा है, जो बस्तर की सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाता है।

इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आदिवासी समाज के पारंपरिक व्यंजनों की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि “ये पारंपरिक व्यंजन बस्तर की संस्कृति, परंपरा और आदिवासी जीवन मूल्यों का अनूठा स्वाद प्रस्तुत करते हैं।” शाह ने कहा कि बस्तर की सांस्कृतिक समृद्धि और यहां के लोगों की आत्मीयता वास्तव में अद्वितीय है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि मांझी-चालकी, मेंबर और मेंबरीन के साथ आयोजित अभिनंदन भोज केवल सत्कार का अवसर नहीं, बल्कि भाईचारे, सामुदायिक मेल-जोल और सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम बस्तर की जीवंत आदिवासी परंपराओं का सम्मान करने के साथ-साथ समाज में एकता और सौहार्द की भावना को मजबूत करता है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्माकृषि मंत्री रामविचार नेतामवन मंत्री केदार कश्यपमहिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़ेपर्यटन मंत्री राजेश अग्रवालसांसद महेश कश्यप एवं भोजराज नागविधायक किरण सिंह देवविनायक गोयलचैतराम अटामीनीलकंठ टेकामआशाराम नेताम तथा लता उसेंडी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

इस आयोजन ने न केवल बस्तर की गौरवशाली संस्कृति का प्रदर्शन किया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि भारतीय परंपराओं की असली पहचान आपसी सौहार्द और सांस्कृतिक गर्व में निहित है।