नई दिल्ली: तमिलनाडु की करूर रैली में हुई भगदड़ के बाद अब मद्रास हाईकोर्ट में सुनवाई हो रही है। इस भगदड़ में 40 लोगों की मौत हुई और लगभग 100 लोग घायल हुए। पीड़ितों में से एक ने टीवीके प्रमुख और एक्टर विजय की रैलियों पर रोक लगाने की याचिका दायर की है।
याचिका में पीड़ित ने तर्क दिया कि यह घटना सिर्फ दुर्घटना नहीं थी, बल्कि लापरवाही और सार्वजनिक सुरक्षा की उपेक्षा का परिणाम थी। पीड़ित ने कोर्ट से तमिलनाडु पुलिस को विजय की किसी भी रैली को इजाजत न देने का आदेश देने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
पीड़ित ने याचिका में करूर टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR का हवाला दिया है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें गैर-इरादतन हत्या का भी मामला शामिल है। याचिका में जोर दिया गया है कि फिर से रैली की अनुमति देने से पहले जवाबदेही तय हो।
शनिवार को वेलुस्वामीपुरम में आयोजित रैली में भारी भीड़ के कारण भगदड़ मची। इस घटना में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, और तमिलनाडु पुलिस ने स्वीकार किया कि रैली स्थल पर 500 पुलिसकर्मी तैनात थे।
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने जस्टिस अरुणा जगदीशन की अध्यक्षता में न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने इस घटना में टीवीके महासचिव एम आनंद समेत पार्टी के शीर्ष नेताओं के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।
