*सूरजपुर।* छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बगड़ा के पंडोपारा स्थित प्राथमिक शाला में प्रधान पाठक की कार्यप्रणाली को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम पंचायत के सरपंच राम सिंह ने प्रधान पाठक कृपालनाथ तिवारी के खिलाफ जिला कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रधान पाठक स्कूल में उपस्थिति दर्ज करने के बाद अक्सर बिना बताए विद्यालय से चले जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके स्कूल में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
स्कूल में जांच के दौरान अनुपस्थित मिले प्रधान पाठक
सरपंच राम सिंह के मुताबिक, ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद उन्होंने 26 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 2 बजे विद्यालय पहुंचकर जांच की। इस दौरान वीडियो भी बनाया गया। सरपंच का दावा है कि मौके पर सहायक शिक्षक अजीत तिवारी बच्चों को पढ़ाते हुए मिले, जबकि प्रधान पाठक कृपालनाथ तिवारी विद्यालय से अनुपस्थित थे।
शिकायत के अनुसार, जब सहायक शिक्षक से प्रधान पाठक के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वे कहां गए हैं, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है और प्रधान पाठक उन्हें बिना बताए गए थे। इसके बाद उपस्थिति पंजी की जांच की गई, जिसमें प्रधान पाठक के हस्ताक्षर दर्ज पाए गए।
कथा वाचन के कार्यक्रम में जाने का आरोप
सरपंच ने शिकायत में दावा किया है कि जानकारी जुटाने पर पता चला कि प्रधान पाठक ग्राम पंचायत कोटेया में एक बच्चे के अन्नप्राशन एवं नामकरण कार्यक्रम में कथा वाचन करने गए थे। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस संबंध में वीडियो भी बनाया गया है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी निभाने के बजाय यदि प्रधान पाठक स्कूल समय में निजी कार्यक्रमों में शामिल होते हैं, तो इसका असर विद्यार्थियों की शिक्षा पर पड़ना स्वाभाविक है।
शिक्षक मित्र के नाम पर युवती से चार साल काम कराने का आरोप
शिकायत में एक युवती दीप्ति पैकरा का मामला भी उठाया गया है। सरपंच के अनुसार, विद्यालय में शिक्षक मित्र के नाम पर दीप्ति पैकरा, पिता शिवकुमार पैकरा, को काम पर रखा गया है। पूछताछ के दौरान युवती ने कथित तौर पर बताया कि कोरोना काल यानी वर्ष 2021 से उसे स्वीपर की नियुक्ति कराने के नाम पर विद्यालय में काम कराया जा रहा है।
आरोप है कि उससे प्रतिदिन करीब छह घंटे काम लिया जाता है, लेकिन मोबाइल रिचार्ज के अलावा पिछले लगभग चार वर्षों से उसे कोई मानदेय या भत्ता नहीं दिया गया। सरपंच ने इस मामले की भी जांच कराने और युवती को नियमानुसार नियुक्ति देने अथवा उसके काम के बदले बकाया मजदूरी का भुगतान कराने की मांग की है।
कलेक्टर से निलंबन और विभागीय जांच की मांग
सरपंच राम सिंह ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि प्राथमिक शाला में पढ़ने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति पंडो समुदाय के बच्चों की शिक्षा के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
शिकायतकर्ता ने प्रधान पाठक को तत्काल निलंबित करने और जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग इस शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं।
