सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लेने उदयपुर क्षेत्र पहुंचे कलेक्टर अजीत वसंत ने गौसेवा से लेकर शिक्षा, स्वच्छता और विकास कार्यों तक कई महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। ग्राम दावा स्थित श्री श्याम गौशाला को गौधाम योजना में पंजीकृत किए जाने के बाद कलेक्टर पहली बार वहां पहुंचे। गौशाला प्रबंधन की मांग पर 250 मीटर सीसी सड़क स्वीकृत की गई। वहीं, हाई स्कूल दावा में विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान उन्होंने बच्चों को बड़ा लक्ष्य निर्धारित करने, मेहनत करने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास करने की प्रेरणा दी।
कलेक्टर के इस दौरे में केवल निर्माण कार्यों और सरकारी योजनाओं की प्रगति ही नहीं, बल्कि स्कूलों की सुविधाओं, पशुओं की देखभाल, स्वच्छता दीदियों की आजीविका और ग्राम पंचायत की आय बढ़ाने के प्रयासों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार करने और निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
गौधाम को मिली 250 मीटर सीसी सड़क की सौगात, गायों के स्वास्थ्य पर भी जोर
ग्राम दावा स्थित श्री श्याम गौशाला कलेक्टर अजीत वसंत के दौरे का प्रमुख केंद्र रही। गौधाम योजना में पंजीकृत होने के बाद गौशाला पहुंचे कलेक्टर ने वहां की व्यवस्थाओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। इस दौरान गौशाला अध्यक्ष दिनेश साहू और अन्य सदस्यों ने आवागमन की सुविधा बेहतर बनाने के लिए सड़क निर्माण की मांग रखी। इस पर गौशाला तक 250 मीटर सीसी सड़क स्वीकृत की गई।
कलेक्टर ने पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को गौधाम में गायों के नियमित टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान और स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुओं की नियमित देखभाल और समय पर पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया, ताकि गौशाला में रखे गए पशुओं के स्वास्थ्य का उचित ध्यान रखा जा सके।
इस दौरान दिनेश साहू, शेखर सिंहदेव, आशीष अग्रवाल, गोपाल यादव, तुलाराम सहित गौसेवक रामप्रसाद और बृज केश्वर समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।
स्कूल में बच्चों से कलेक्टर का सीधा संवाद, IAS बनने की इच्छा सुनकर दी प्रेरणा
कलेक्टर अजीत वसंत ने हाई स्कूल दावा का निरीक्षण कर विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, विद्यार्थियों की उपस्थिति और परीक्षा परिणामों की जानकारी ली। इसके बाद वे कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों के बीच पहुंचे और उनसे उनके भविष्य के सपनों के बारे में बातचीत की।
कलेक्टर ने बच्चों से पूछा कि वे आगे चलकर क्या बनना चाहते हैं। किसी विद्यार्थी ने पुलिस विभाग में जाने की इच्छा जताई, तो किसी ने नर्स बनने की बात कही। इसी दौरान एक छात्र ने भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी IAS अधिकारी बनने का सपना बताया।
विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए कलेक्टर ने उन्हें जीवन में ऊंचा लक्ष्य रखने और उसे हासिल करने के लिए पूरी मेहनत करने की सलाह दी। उन्होंने समझाया कि कोई भी नौकरी छोटी या बुरी नहीं होती, लेकिन बच्चों को अपनी क्षमता के अनुसार बड़े लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए। मेहनत, लगन और निरंतर प्रयास के जरिए वे अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।
लगभग 10 मिनट तक चले इस संवाद में कलेक्टर ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के प्रति गंभीर रहने और भविष्य की तैयारी अभी से शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया।
स्कूल में सफाई कर्मचारी नहीं, पंचायत के माध्यम से व्यवस्था करने के निर्देश
विद्यालय के निरीक्षण के दौरान प्राचार्य ने कलेक्टर को बताया कि स्कूल में सफाई कर्मचारी नहीं होने के कारण शिक्षकों को ही साफ-सफाई करनी पड़ती है। इस समस्या को देखते हुए कलेक्टर ने पंचायत के माध्यम से विद्यालय की सफाई के लिए एक व्यक्ति की व्यवस्था करने के आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने और कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत करने के लिए जरूरी प्रयास करने को भी कहा। स्कूल में पढ़ाई के अनुकूल वातावरण बनाने और उपलब्ध सुविधाओं का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
निर्माणाधीन हाई स्कूल भवन का निरीक्षण, गुणवत्ता से समझौता नहीं करने की हिदायत
उदयपुर में निर्माणाधीन हाई स्कूल भवन का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि भवन का निर्माण निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। साथ ही निर्माण में तय मानकों और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने को कहा।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में समयबद्धता के साथ गुणवत्ता भी जरूरी है। निर्माण कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा कराने और काम की नियमित निगरानी करने पर जोर दिया गया।
जिला सहकारी बैंक को पुराने जनपद भवन में शिफ्ट करने के निर्देश
उदयपुर में जिला सहकारी बैंक की व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने बैंक अधिकारियों को उसे पुराने जनपद भवन में स्थानांतरित करने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। इस पहल का उद्देश्य उपलब्ध शासकीय भवन का उपयोग सुनिश्चित करना है। बैंक को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया से जुड़े निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
स्वच्छता केंद्र में दीदियों से पूछी काम और कमाई की पूरी जानकारी
कलेक्टर अजीत वसंत ने उदयपुर स्थित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने स्वच्छता दीदियों से कचरा संग्रहण, रद्दी और प्लास्टिक की बिक्री तथा उपभोक्ताओं से लिए जाने वाले यूजर चार्ज के संबंध में जानकारी ली।
स्वच्छता दीदियों ने बताया कि वे सुबह लगभग चार घंटे कचरा संग्रहण और उससे जुड़े कार्यों में लगाती हैं। इसके बाद वे अपने अन्य काम करके आजीविका चलाती हैं। उन्होंने बताया कि यूजर चार्ज और रद्दी तथा प्लास्टिक की बिक्री से समूह को कुछ आमदनी होती है। इसके अलावा ग्राम पंचायत उदयपुर की ओर से समूह को 5,000 रुपये भी दिए जा रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्वच्छता व्यवस्था की जमीनी स्थिति समझी और स्वच्छता दीदियों के कामकाज तथा आजीविका से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
पंचायत की कमाई बढ़ाने की पहल से प्रभावित हुए कलेक्टर
ग्राम पंचायत उदयपुर में 15वें वित्त आयोग की राशि से बनाए गए गेस्ट हाउस और व्यावसायिक परिसर का भी निरीक्षण किया गया। पंचायत की ओर से आय के स्रोत बढ़ाने के उद्देश्य से किए गए इस प्रयास की कलेक्टर अजीत वसंत और जिला पंचायत की सीईओ रोमा श्रीवास्तव ने सराहना की।
कलेक्टर ने पंचायत सचिव खेलो सिंह को निर्देश दिए कि गेस्ट हाउस और व्यावसायिक परिसर से होने वाली आय तथा खर्च का पूरा लेखा-जोखा व्यवस्थित ढंग से रखा जाए। उन्होंने कहा कि वित्तीय अभिलेखों का नियमित रखरखाव जरूरी है, ताकि लेन-देन में पारदर्शिता बनी रहे और भविष्य में किसी प्रकार की शिकायत की स्थिति न बने।
उन्होंने संबंधित दस्तावेजों को दुरुस्त रखने और पंचायत की आय-व्यय संबंधी जानकारी व्यवस्थित रूप से संधारित करने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान कई अधिकारी रहे मौजूद
कलेक्टर के उदयपुर दौरे के दौरान एसडीएम रामराज सिंह, तहसीलदार तारा सिदार, जनपद पंचायत सीईओ वेद प्रकाश गुप्ता, एसडीओ शैलेन्द्र भारती, कार्यक्रम अधिकारी निलेश जायसवाल और लोक निर्माण विभाग के सब इंजीनियर लक्ष्मण राव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
गौसेवा से शिक्षा तक, स्थानीय व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर फोकस
कलेक्टर अजीत वसंत के उदयपुर दौरे में गौधाम तक सड़क सुविधा उपलब्ध कराने, पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल, विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था सुधारने, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने, स्वच्छता प्रबंधन और पंचायत की आय बढ़ाने जैसे मुद्दे प्रमुखता से सामने आए। अधिकारियों को दिए गए निर्देशों का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना और शासकीय संसाधनों का व्यवस्थित उपयोग सुनिश्चित करना रहा।
