सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से अंधविश्वास और आपसी विवाद से जुड़ी एक बेहद गंभीर घटना सामने आई है। रामानुजनगर थाना क्षेत्र के परशुरामपुर सोरीपारा गांव में 40 वर्षीय महिला के साथ कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार किया गया। जमीन विवाद को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद महिला पर टोनही होने का आरोप लगाया गया। आरोप है कि इसके बाद चार महिलाओं ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की, उसके कपड़े उतार दिए और उसे पेड़ से बांध दिया। इस दौरान महिला को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।
घटना में महिला के सिर, कमर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं। मामले की शिकायत मिलने के बाद रामानुजनगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चारों आरोपी महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 19 अक्टूबर तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
बाड़ी में उड़द तोड़ रही थी महिला, तभी शुरू हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह गोंड समाज की 40 वर्षीय बजारो बाई अपने घर की बाड़ी में उड़द के फल तोड़ रही थीं। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाली धनमतिया वहां पहुंची। आरोप है कि धनमतिया ने बजारो बाई पर टोनही होने का आरोप लगाते हुए उनके साथ अश्लील गाली-गलौज शुरू कर दी।
विवाद बढ़ने के बाद धनमतिया की बहू और दो अन्य महिलाएं भी मौके पर पहुंच गईं। आरोप है कि इसके बाद चारों महिलाओं ने मिलकर बजारो बाई के साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, आरोपियों ने कथित तौर पर महिला के कपड़े उतार दिए और उसे एक पेड़ से बांध दिया।
पेड़ से बांधकर मारपीट और धमकी देने का आरोप
पीड़िता के साथ कथित मारपीट के दौरान उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। महिला को पेड़ से बांधे जाने की जानकारी जब आसपास के लोगों और उसके परिजनों को हुई तो वे मौके पर पहुंचे। घर के पास से गुजर रहे कुछ ग्रामीणों ने भी वहां पहुंचकर बीच-बचाव किया।
इसके बाद महिला को पेड़ से मुक्त कराया गया। मारपीट के कारण उसके शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई थीं। बताया गया कि सिर और कमर समेत अन्य जगहों पर भी चोट लगी है।
पति ने थाने पहुंचकर दर्ज कराई शिकायत
घटना के बाद पीड़िता के पति ने रामानुजनगर थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 76, 127(2), 296, 351(3), 115(2), 3(5) के साथ टोनही प्रताड़ना अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया।
जांच के दौरान पुलिस ने घटना में शामिल चार आरोपी महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 19 अक्टूबर तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
जमीन विवाद के बीच टोनही का आरोप, पुलिस जांच जारी
बताया जा रहा है कि पूरा विवाद जमीन से जुड़े मामले को लेकर शुरू हुआ था। इसी विवाद के दौरान महिला पर टोनही होने का आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपों से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में टोनही प्रताड़ना के मामलों को रोकने के लिए कानूनी प्रावधान मौजूद हैं। इसके बावजूद अंधविश्वास और आपसी विवाद के चलते महिलाओं को प्रताड़ित किए जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं। सूरजपुर की इस घटना में भी एक महिला के साथ कथित तौर पर गंभीर दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप है। चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
