स्वागत में गूंजा मांदर, कलेक्टर खुद को रोक नहीं पाए, ग्रामीणों के साथ जमकर किया मांदरी नृत्य

कांकेर। सेवा संकल्प अभियान के तहत कांकेर जिले में आयोजित हो रहे जिला स्तरीय शिविरों के बीच ग्राम मोदे में कुछ ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद ग्रामीणों का उत्साह दोगुना कर दिया। शिविर में पहुंचे जिला प्रशासन के अधिकारियों का ग्रामीणों ने आदिवासी परंपरा और संस्कृति के अनुरूप गाजे-बाजे के साथ स्वागत किया। इस दौरान पारंपरिक मांदरी नृत्य की प्रस्तुति ने माहौल को पूरी तरह उत्सव में बदल दिया।

ग्राम मोदे में आयोजित जिला स्तरीय शिविर में ग्रामीण युवाओं ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर मांदरी नृत्य प्रस्तुत किया। इसी दौरान कलेक्टर कुंदन कुमार की नजर ग्रामीण युवाओं के पारंपरिक नृत्य पर पड़ी। नृत्य और संगीत का माहौल देखकर कलेक्टर भी काफी उत्साहित नजर आए।

मांदर की थाप पर कलेक्टर ने बढ़ाए कदम

ग्रामीणों की प्रस्तुति देखते-देखते कलेक्टर कुंदन कुमार खुद को नृत्य करने से रोक नहीं पाए। उन्होंने ग्रामीण युवाओं के साथ मांदरी नृत्य में कदम से कदम मिलाया और पारंपरिक अंदाज में जमकर थिरके। कलेक्टर को अपने बीच इस तरह नृत्य करते देख ग्रामीणों के चेहरे पर भी खुशी नजर आई।

कुछ ही देर में शिविर का माहौल औपचारिक कार्यक्रम से हटकर उत्सव जैसा हो गया। ग्रामीणों और अधिकारियों ने भी कलेक्टर के साथ इस पारंपरिक नृत्य का आनंद लिया। कलेक्टर का यह सहज अंदाज ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

सेवा संकल्प शिविर में दिखी संस्कृति की झलक

सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में जिला स्तरीय शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक सेवाओं और योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। ग्राम मोदे में आयोजित शिविर के दौरान जहां प्रशासनिक गतिविधियां हुईं, वहीं ग्रामीणों ने अपनी पारंपरिक संस्कृति के जरिए अधिकारियों का स्वागत कर कार्यक्रम को खास बना दिया।

मांदरी नृत्य में कलेक्टर के शामिल होने से ग्रामीणों और प्रशासन के बीच संवाद का एक अलग ही रंग देखने को मिला। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच यह दृश्य खास आकर्षण का केंद्र रहा।