रायपुर, 25 अगस्त 2026: छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन की खेती-किसानी तेजी से आगे बढ़ रही है। राज्य में 25 अगस्त तक 47.40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी पूरी हो चुकी है, जो निर्धारित लक्ष्य का करीब 97 प्रतिशत है। इस खरीफ सीजन में राज्य सरकार ने कुल 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य रखा है।
धान के साथ मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली और रामतिल जैसी फसलों की बोनी का काम लगभग अंतिम चरण में पहुंच गया है।
CM साय ने दिए सख्त निर्देश, खाद-बीज में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों को खेती-किसानी में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने किसानों की मांग के अनुसार प्रमाणित खाद और बीज आसानी से उपलब्ध कराने को कहा है। साथ ही खाद-बीज वितरण में किसी भी तरह की लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने सोसायटियों में पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज का भंडारण रखने और उसकी लगातार निगरानी करने को भी कहा है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के अधिकारी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
किसानों को अब तक 12.07 लाख मीट्रिक टन खाद मिली
कृषि विभाग के अनुसार, प्रदेश के किसानों को अब तक 12.07 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरित किया जा चुका है।
इस खरीफ सीजन में राज्य में कुल 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके मुकाबले सहकारी और निजी क्षेत्रों में 16.67 लाख मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है।
भंडारित खाद में से अब तक 12.07 लाख मीट्रिक टन किसानों तक पहुंचाई जा चुकी है, जो निर्धारित लक्ष्य का करीब 72 प्रतिशत है।
प्रमाणित बीज की मांग भी लगभग पूरी
खरीफ सीजन 2026 के लिए छत्तीसगढ़ बीज निगम ने 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा है।
इसके मुकाबले अब तक 4.80 लाख क्विंटल बीज का भंडारण किया जा चुका है और किसानों को 4.58 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किया जा चुका है। यानी किसानों की मांग का करीब 93 प्रतिशत प्रमाणित बीज वितरित हो चुका है।
25 अगस्त तक 839.4 मिमी बारिश
अधिकारियों के अनुसार, 25 अगस्त की सुबह तक प्रदेश में 839.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। राज्य की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिमी है।
पिछले 10 वर्षों के आधार पर इस अवधि की औसत वर्षा 810.2 मिमी रही है। इस लिहाज से इस साल अब तक 29.2 मिमी अधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं पिछले साल इसी अवधि में 821.0 मिमी वर्षा दर्ज हुई थी।
अच्छी बारिश और पर्याप्त खाद-बीज उपलब्धता के चलते खरीफ की खेती का शुरुआती चरण लगभग पूरा होने की स्थिति में है।
किसानों को 7778.76 करोड़ रुपये का अल्पकालीन कृषि ऋण
खेती-किसानी के लिए किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अल्पकालीन कृषि ऋण भी वितरित किया जा रहा है।
24 अगस्त 2026 तक किसानों को 7778.76 करोड़ रुपये का ऋण दिया जा चुका है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह राशि 6449.95 करोड़ रुपये थी।
इस खरीफ सीजन में सरकार ने किसानों को कुल 8800 करोड़ रुपये का अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित करने का लक्ष्य रखा है।
खेती का शुरुआती काम अंतिम दौर में
प्रदेश में मानसून के साथ शुरू हुई खरीफ खेती अब अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। 47.40 लाख हेक्टेयर में बोनी पूरी होने के बाद अब किसानों का फोकस फसलों की देखभाल और आगे की कृषि गतिविधियों पर है।
सरकार की ओर से खाद-बीज की उपलब्धता, भंडारण और वितरण की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि किसानों को खरीफ सीजन में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
