महिलाओं के अधिकारों को लेकर छत्तीसगढ़ में होने जा रहा बड़ा अभियान! राष्ट्रीय महिला आयोग से मिला खास मार्गदर्शन

रायपुर, 25 अगस्त 2026: महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर छत्तीसगढ़ में एक महत्वपूर्ण पहल की तैयारी की जा रही है। इसी सिलसिले में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय महिला आयोग के कार्यालय में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर से सौजन्य भेंट की।

इस दौरान छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित महिला अधिकार एवं जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम को प्रभावी तरीके से आयोजित करने के लिए डॉ. ममता साहू ने राष्ट्रीय महिला आयोग से आवश्यक मार्गदर्शन भी प्राप्त किया।

महिलाओं को अधिकार और कानून की मिलेगी व्यावहारिक जानकारी

प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों, कानूनी संरक्षण और उपलब्ध सहायता तंत्र की जानकारी आसान और प्रभावी तरीके से उपलब्ध कराना है।

कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को यह समझाने का प्रयास किया जाएगा कि किसी भी परिस्थिति में उनके लिए कौन-कौन से कानूनी अधिकार और सहायता के विकल्प उपलब्ध हैं। साथ ही जमीनी स्तर पर महिला अधिकारों को लेकर जागरूकता को और मजबूत करने पर भी जोर रहेगा।

‘अधिकारों की जानकारी ही सशक्तिकरण की पहली सीढ़ी’

डॉ. ममता साहू ने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों और कानूनों की जानकारी देना सशक्तिकरण की पहली सीढ़ी है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग के मार्गदर्शन से छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से आयोजित करने में मदद मिलेगी। इसका उद्देश्य महिलाओं तक अधिकार, सुरक्षा और सहायता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे अपने अधिकारों को लेकर अधिक सजग और आत्मनिर्भर बन सकें।

राष्ट्रीय महिला आयोग के साथ समन्वय पर जोर

छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की ओर से महिला अधिकारों, सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को केंद्र में रखते हुए लगातार जागरूकता और प्रशिक्षण गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

राष्ट्रीय महिला आयोग के निर्देशन और मार्गदर्शन में प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आयोग का प्रयास है कि प्रशिक्षण के जरिए महिला सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराई जाए और इसका लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचाया जाए।

जागरूकता से मजबूत होगा महिला सशक्तिकरण

प्रस्तावित कार्यक्रम के जरिए महिलाओं को न केवल अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने, बल्कि उन्हें सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों और उपलब्ध सहायता तंत्र की जानकारी देने पर भी फोकस रहेगा।

राज्य महिला आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग के बीच बेहतर समन्वय से इस पहल को प्रदेश के अधिक से अधिक क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जाएगा। माना जा रहा है कि इससे महिलाओं में अपने अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ेगी और वे अपने हितों की रक्षा के लिए अधिक मजबूती से कदम उठा सकेंगी।