नई दिल्ली: NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद को लेकर जारी आंदोलन के बीच शुक्रवार का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच आज दोपहर 12:30 बजे संविधान क्लब ऑफ इंडिया में महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। हालांकि बातचीत से पहले ही CJP ने स्पष्ट कर दिया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उसकी सबसे बड़ी और गैर-समझौतावादी मांग है।
बैठक भी, प्रदर्शन भी… CJP ने अपनाई दोहरी रणनीति
सरकार के साथ वार्ता की तैयारी के बीच CJP ने आज देशव्यापी प्रदर्शन का भी ऐलान किया है। शुक्रवार सुबह दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा, जबकि जयपुर समेत कई शहरों में समर्थक प्रदर्शन के लिए जुटने लगे।
CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि पार्टी की मांग पर बातचीत के लिए संविधान क्लब को तटस्थ स्थान के रूप में चुना गया है।
सोनम वांगचुक ने खत्म की भूख हड़ताल
सरकार से मिले आश्वासन के बाद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। हालांकि CJP ने साफ किया है कि आंदोलन अभी खत्म नहीं होगा।
“धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा”
CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने दो टूक कहा कि सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने से राहत जरूर मिली है, लेकिन जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते।
पहले भी हो चुकी है बातचीत की कोशिश
इससे पहले 20 जुलाई को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने CJP प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। सरकार का दावा था कि उसने चार बार बातचीत का प्रस्ताव दिया, लेकिन CJP नहीं आया। वहीं संगठन का कहना था कि वह किसी राजनीतिक आवास पर नहीं बल्कि न्यूट्रल वेन्यू पर ही बातचीत करेगा। इसके बाद आज की बैठक संविधान क्लब में तय की गई।
दिल्ली मेट्रो के 17 स्टेशन आज भी बंद
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने लगातार तीसरे दिन भी 17 मेट्रो स्टेशन बंद रखने का फैसला किया है। इनमें राजीव चौक, पटेल चौक, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, आईटीओ, सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली गेट, लोक कल्याण मार्ग, खान मार्केट, झंडेवालान समेत कई प्रमुख स्टेशन शामिल हैं।
अब सबकी नजर 12:30 बजे की बैठक पर
सरकार और CJP के बीच होने वाली यह वार्ता आंदोलन की दिशा तय कर सकती है। सवाल यही है कि क्या बातचीत से निकलेगा समाधान, या फिर आंदोलन और ज्यादा उग्र होगा? देशभर के छात्रों और राजनीतिक हलकों की निगाहें अब इस अहम बैठक पर टिकी हैं।
