रायपुर 06 जून 2026: छत्तीसगढ़ में भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर एक बार फिर बड़ा बवाल खड़ा होता नजर आ रहा है। राज्य लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) भर्ती परीक्षा 2021 घोटाले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अब अपना दायरा बढ़ाने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, जांच केवल राज्य सेवा परीक्षा 2021 तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में हुई अन्य चर्चित भर्तियों की भी गहन पड़ताल की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक ईडी की नजर अब वर्ष 2019 में हुई 1,384 पदों की सहायक प्राध्यापक (असिस्टेंट प्रोफेसर) भर्ती पर भी है। इस भर्ती को लेकर लंबे समय से गंभीर सवाल उठते रहे हैं। आरोप है कि एक ही परीक्षा केंद्र से शामिल हुए 50 अभ्यर्थियों में से 36 का चयन हुआ था। इस असामान्य परिणाम ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए थे।
इधर, संस्कृति विभाग में वर्ष 2023 के दौरान द्वितीय श्रेणी के पदों पर हुई भर्ती भी जांच एजेंसियों के रडार पर आ गई है। इस भर्ती में कथित अनियमितताओं, अपात्र उम्मीदवारों के चयन और नियमों की अनदेखी संबंधी शिकायतें सामने आई थीं। अब इन शिकायतों की भी गंभीरता से जांच किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो भाजपा सरकार के डॉ. रमन सिंह के दो कार्यकाल (2008 से 2018) के दौरान सीजीपीएससी के माध्यम से 90 परीक्षाएं आयोजित की गई थीं। वहीं, कांग्रेस सरकार के पांच वर्षीय कार्यकाल में 78 भर्ती परीक्षाएं संपन्न हुईं। ऐसे में जांच एजेंसियां अब इन भर्तियों के विभिन्न पहलुओं की भी पड़ताल कर सकती हैं।
सूत्रों का दावा है कि यदि शुरुआती जांच में अनियमितताओं के संकेत मिले तो आने वाले दिनों में कई और भर्ती प्रक्रियाएं जांच के घेरे में आ सकती हैं। ऐसे में यह मामला केवल सीजीपीएससी घोटाले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेश की कई पुरानी भर्तियों के राज भी उजागर हो सकते हैं।
फिलहाल ईडी की बढ़ती सक्रियता ने भर्ती परीक्षाओं से जुड़े कई लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में आगे कौन-कौन से नाम और कौन-कौन सी भर्तियां सामने आती हैं।
