चड्ढा-बनियान में दफ्तर, टेबल पर शराब की बोतल और फिर… अफसर पर गिरी बड़ी गाज, जांच में खुलीं कई परतें

बेमेतरा। एक सरकारी अधिकारी की कार्यशैली को लेकर सामने आई शिकायतों ने ऐसा मोड़ लिया कि आखिरकार शासन को सख्त कार्रवाई करनी पड़ी। दफ्तर में कथित तौर पर आपत्तिजनक स्थिति में पाए जाने, शराब की बोतल रखने और निर्माण कार्यों में अनियमितताओं के आरोपों के बाद नगर पंचायत दाढ़ी के प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी रमेश कुमार ध्रुव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जांच कराई गई थी। जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनके आधार पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई द्वारा प्रकरण शासन को भेजे जाने के बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने निलंबन आदेश जारी कर दिया।

सड़क निर्माण में मिली बड़ी गड़बड़ी

जांच के दौरान नगर पंचायत दाढ़ी के वार्ड क्रमांक-11 में बजरंगबली मंदिर से लगनी बाई के घर तक निर्मित सीसी रोड की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की जांच की गई। कोर कटिंग परीक्षण में सड़क की मोटाई निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। रिपोर्ट में निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हुए।

दफ्तर में शराब और आपत्तिजनक स्थिति की भी शिकायत

जांच में कार्यालय कक्ष में शराब की बोतल रखे होने तथा अधिकारी के आपत्तिजनक स्थिति में पाए जाने संबंधी शिकायतों को भी शामिल किया गया। प्रारंभिक जांच में इन आरोपों को लेकर भी गंभीर तथ्य सामने आने की बात कही गई है।

चेतावनी के बाद भी नहीं सुधरे

विभागीय जांच में यह भी पाया गया कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कई बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद रमेश कुमार ध्रुव समय-सीमा की महत्वपूर्ण बैठकों में बिना पूर्व सूचना के लगातार अनुपस्थित रहे। शासन ने इसे सेवा नियमों का स्पष्ट उल्लंघन माना।

जांच में सही मिले आरोप, हुआ निलंबन

प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद शासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत विभागीय जांच आगे भी जारी रहेगी और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई के बाद नगरीय निकायों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि लापरवाही, कदाचार और गुणवत्ता से समझौता करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।