सीजीPSC 2021 के चयनित अफसरों की नियुक्ति जारी, लेकिन हर उम्मीदवार पर रहेगी कड़ी नजर, CBI जांच और दस्तावेज सत्यापन के बीच नियुक्ति आदेश बना चर्चा का विषय

डिप्टी कलेक्टर बनने का सपना पूरा, लेकिन आदेश की इन 15 लाइनों ने बढ़ाई धड़कनें! जॉइनिंग से पहले ही सरकार ने दी सख्त चेतावनी

सीजीPSC 2021 के चयनित अफसरों की नियुक्ति जारी, लेकिन हर उम्मीदवार पर रहेगी कड़ी नजर, CBI जांच और दस्तावेज सत्यापन के बीच नियुक्ति आदेश बना चर्चा का विषय

नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य सेवा परीक्षा 2021 के तहत चयनित अभ्यर्थियों को आखिरकार डिप्टी कलेक्टर पद पर नियुक्ति दे दी है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में 11 चयनित अभ्यर्थियों को प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पदस्थ किया गया है। लेकिन इस नियुक्ति आदेश में कुछ ऐसी सख्त शर्तें भी शामिल हैं, जिसने चयनित उम्मीदवारों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

सरकार ने साफ कर दिया है कि यह नियुक्ति पूरी तरह अनंतिम होगी और किसी भी स्तर पर गलत जानकारी, फर्जी दस्तावेज, मेडिकल फिटनेस में कमी या CBI जांच में प्रतिकूल तथ्य सामने आने पर बिना पूर्व सूचना सेवा समाप्त की जा सकती है। यही वजह है कि यह आदेश अब प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।

जारी आदेश के मुताबिक चयनित अभ्यर्थियों को डिप्टी कलेक्टर के पद पर वेतन मैट्रिक्स लेवल-12 के तहत नियुक्त किया गया है। इनमें प्रज्ञा नायक को बलरामपुर रामानुजगंज, अनन्या अग्रवाल को दुर्ग, राणा विजय को सारंगढ़-बिलाईगढ़, अमित कुमार भारद्वाज को दंतेवाड़ा, खुश्बू बिजौरा को कोरिया, नेहा खलखो को मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, प्रिंसी तम्बोली को सरगुजा, साक्षी ध्रुव को गरियाबंद, निखिल खलखो को नारायणपुर और राजेंद्र कुमार कौशिक को कोंडागांव में पदस्थ किया गया है।

सबसे ज्यादा चर्चा आदेश की उन शर्तों को लेकर हो रही है, जिनमें साफ कहा गया है कि परिवीक्षा अवधि के दौरान प्रशिक्षण और विभागीय परीक्षा में असफल रहने पर भी सेवाएं समाप्त की जा सकती हैं। इतना ही नहीं, अगर कोई अधिकारी बिना अनुमति अनुपस्थित रहता है या तय समय में जॉइनिंग नहीं देता, तो नियुक्ति स्वतः निरस्त मानी जाएगी।

आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि सभी चयनित अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य होगा। दस्तावेजों का मूल सत्यापन, मेडिकल बोर्ड से फिटनेस प्रमाण पत्र और चरित्र सत्यापन पूरा होने के बाद ही उनकी नियुक्ति स्थायी मानी जाएगी।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सरकार ने आदेश में चल रही CBI जांच का भी उल्लेख किया है। आदेश में साफ लिखा गया है कि यदि भविष्य में किसी भी चयनित अभ्यर्थी के खिलाफ प्रतिकूल तथ्य सामने आते हैं, तो कानूनी कार्रवाई के साथ सेवा समाप्ति भी की जा सकती है। इसी एक लाइन ने पूरे नियुक्ति आदेश को बेहद संवेदनशील बना दिया है।

सरकारी आदेश जारी होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल जरूर है, लेकिन नियुक्ति की कड़ी शर्तों और चेतावनियों ने इस खुशी के बीच एक अलग तरह का दबाव भी पैदा कर दिया है।