बलरामपुर। छत्तीसगढ़ में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को एक के बाद एक झटके लगते जा रहे हैं। जिला कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी घोषित होते ही पार्टी में असंतोष खुलकर सामने आने लगा है।
पहले 11 पदाधिकारियों के इस्तीफे से मची हलचल अभी थमी भी नहीं थी कि अब बलरामपुर जिले में दो और मंडल अध्यक्षों ने पद छोड़कर सियासी तूफान खड़ा कर दिया है।
मंडल अध्यक्षों ने खोला मोर्चा, लगाए गंभीर आरोप
कन्दरी मंडल अध्यक्ष लालसाय मिंज ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को भेजे इस्तीफे में चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं।
उनका कहना है कि:
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जिलाध्यक्ष ने ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दी है
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जिन्होंने चुनावों में कांग्रेस का विरोध किया
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और खुलकर भाजपा का साथ दिया
दूसरे इस्तीफे ने बढ़ाई आग
इदरी कला मंडल की अध्यक्ष असमीता टोप्पो ने भी इसी तरह के आरोप लगाते हुए अपना इस्तीफा भेज दिया।
उन्होंने संगठन में की गई नियुक्तियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है।
लगातार इस्तीफों से गहराया संकट
लगातार हो रहे इस्तीफों ने साफ कर दिया है कि जिला कांग्रेस में अंदरूनी कलह चरम पर पहुंच चुकी है।
अब हालात ऐसे बन गए हैं कि यह विवाद सिर्फ जिला स्तर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रदेश नेतृत्व के लिए भी बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
अब क्या करेगा नेतृत्व?
सभी की नजरें अब प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और पार्टी हाईकमान पर टिकी हैं कि वे इस बढ़ते असंतोष को कैसे संभालते हैं।
क्या संगठन को एकजुट किया जा सकेगा?
या फिर यह बगावत और बड़े रूप में सामने आएगी?
