AI का तूफान भी बेअसर! ये 6 नौकरियां मशीनें चाहकर भी नहीं छीन पाएंगी

AI Job Impact: दुनिया भर में तेजी से बढ़ती Artificial Intelligence (AI) तकनीक ने कई नौकरियों को खतरे में डाल दिया है। आईटी, कंटेंट राइटिंग और डेटा एंट्री जैसे कई क्षेत्रों में मशीनों की एंट्री से लोगों के मन में नौकरी को लेकर डर बढ़ गया है।

लेकिन इसी बीच एक नई रिसर्च ने राहत की खबर दी है। एआई रिसर्च कंपनी Anthropic की रिपोर्ट के अनुसार आज भी कई ऐसे पेशे हैं जिन्हें मशीनें पूरी तरह से रिप्लेस नहीं कर सकतीं। इन कामों में इंसानी समझ, फिजिकल मेहनत और मौके पर मौजूदगी सबसे अहम होती है।

डिजिटल कामों में आगे, फिजिकल कामों में पीछे AI

रिपोर्ट में बताया गया है कि एआई उन कामों में बेहद तेज है जो कंप्यूटर या डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किए जाते हैं। लेकिन जहां शारीरिक श्रम (Physical Labor) और ऑन-साइट मौजूदगी जरूरी होती है, वहां तकनीक अभी काफी पीछे है।

ये 6 नौकरियां AI के लिए सबसे मुश्किल

रिपोर्ट में ऐसे कई प्रोफेशन बताए गए हैं जिन्हें फिलहाल एआई से बदलना लगभग नामुमकिन माना जा रहा है।

1. कुक / शेफ
खाने का स्वाद चखना, मसालों का संतुलन बनाना और क्रिएटिव तरीके से डिश तैयार करना इंसानी अनुभव पर आधारित होता है।

2. मोटरसाइकिल मैकेनिक
मशीन के छोटे-छोटे पुर्जों को महसूस करके समस्या समझना और तुरंत समाधान निकालना अभी भी इंसानों के बस की बात है।

3. बारटेंडर
ग्राहकों से बातचीत करना, उनके मूड को समझना और उसी हिसाब से ड्रिंक तैयार करना पर्सनल टच मांगता है।

4. लाइफगार्ड
समुद्र या स्विमिंग पूल में खतरे को तुरंत पहचानना और किसी की जान बचाने के लिए जोखिम उठाना मशीनों के लिए बेहद मुश्किल है।

5. डिशवॉशर
बर्तनों को साफ करना, उन्हें संभालकर रखना और लगातार फिजिकल मूवमेंट करना रोबोट्स के लिए अभी चुनौती है।

6. ड्रेसिंग रूम अटेंडेंट
ग्राहकों की जरूरत समझकर मौके पर उनकी मदद करना पूरी तरह इंसानी सेवा पर निर्भर करता है।

अभी भी 30% नौकरियां सुरक्षित

रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया की करीब 30 प्रतिशत नौकरियां ऐसी हैं जिन्हें फिलहाल एआई से बदलना संभव नहीं है। किसी भी नौकरी पर एआई का असर इस बात पर निर्भर करता है कि उस काम का कितना हिस्सा डिजिटल है।

विशेषज्ञों की सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आपका काम लोगों से जुड़ा है, मौके पर मौजूद रहकर किया जाता है या उसमें शारीरिक मेहनत शामिल है, तो आपको एआई से डरने की जरूरत नहीं है।

मशीनें भले ही कोड लिख सकती हैं, लेकिन वे बाइक ठीक नहीं कर सकतीं, किसी की जान नहीं बचा सकतीं और इंसानी भावनाओं को पूरी तरह समझ भी नहीं सकतीं।