आधी रात का खूनी खेल! अवैध बॉक्साइट का विरोध पड़ा भारी… एक की मौत, दो जिंदगी से जूझ रहे; कुसमी बंद से सुलगा सियासी संग्राम

कुसमी। करौंधा क्षेत्र में अवैध बॉक्साइट उत्खनन को लेकर उठी चिंगारी अब बड़े सियासी तूफान में बदलती दिख रही है। आरोप है कि अवैध उत्खनन और परिवहन का विरोध करने पर आधी रात गांव में दहशत फैलाने की नीयत से कुछ लोगों ने ग्रामीणों पर हमला कर दिया। लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से की गई मारपीट में एक ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

ग्रामीणों का दावा है कि खेतों में पानी पटाकर लौट रहे निर्दोष लोगों का रास्ता रोककर बेरहमी से पिटाई की गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और परिजनों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

इस मामले में उंगलियां करुण डहरिया, एसडीएम कुसमी, की ओर उठ रही हैं। आरोप है कि उनके साथियों द्वारा करौंधा क्षेत्र में अवैध बॉक्साइट उत्खनन और परिवहन कराया जा रहा था, जिसका ग्रामीण विरोध कर रहे थे। हालांकि प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है।

कांग्रेस का बंद और धरना

घटना के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने कुसमी बंद का आह्वान किया और धरना आंदोलन किया। इस आंदोलन को समर्थन देने सरगुजा संभाग के नेता दानिश रफीक भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोषियों पर कठोर कार्रवाई, मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की।

इलाके में तनाव, जांच की मांग तेज

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय और गुस्से का माहौल है। ग्रामीण निष्पक्ष जांच और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।

अब बड़ा सवाल यह है—क्या अवैध उत्खनन की आड़ में एक निर्दोष की जान चली गई? और क्या जिम्मेदारों पर सच में कड़ी कार्रवाई होगी?

कुसमी की यह घटना सिर्फ एक गांव की कहानी नहीं, बल्कि सत्ता, संसाधन और संघर्ष की उस सच्चाई को उजागर कर रही है, जिसने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है।