Heatwave Alert 2026: अल नीनो ने तैयार की भयंकर गर्मी, अगले तीन सालों में टूटेंगे सारे रिकॉर्ड!

अभी फरवरी का महीना आधा भी नहीं बीता और धूप ने अपने तेवर दिखाना शुरू कर दिए हैं। दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में पारा पहले ही 26 डिग्री के पार जा चुका है। लेकिन मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह तो सिर्फ गर्मी की झांकी है; असली चुनौती अभी बाकी है।

प्रशांत महासागर में पनप रही ‘अल नीनो’ की स्थिति भारत समेत पूरी दुनिया को अगले तीन साल तक पसीने छुड़ाने वाली गर्मी में झोंक सकती है। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि 2026 से 2028 तक गर्मी के सारे रिकॉर्ड टूट सकते हैं


क्यों टूटेंगे गर्मी के रिकॉर्ड?

मौसम विभाग की नई रिपोर्ट के अनुसार, 2026 इतिहास के सबसे गर्म सालों में शामिल हो सकता है। इसका मुख्य कारण है:

  • प्रशांत महासागर में ला नीना कमजोर होना

  • अल नीनो का सक्रिय होना

अल नीनो का असर वैश्विक तापमान में उछाल और बारिश के सामान्य चक्र में गड़बड़ी लाता है। ऊपर से बढ़ता कार्बन उत्सर्जन गर्मी की आग में घी डालने का काम कर रहा है। अनुमान है कि 2027 में गर्मी अपने चरम पर होगी, जिससे न केवल लू का प्रकोप बढ़ेगा बल्कि जंगलों में आग लगने जैसी घटनाएं भी आम हो सकती हैं।


उत्तर भारत में लू और बारिश की कमी

इस साल मौसम का गणित थोड़ा पेचीदा रहने वाला है। मार्च-अप्रैल में दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में गरज-चमक के साथ फुहारें कुछ राहत दे सकती हैं, लेकिन असली मार उत्तर और पश्चिम भारत पर पड़ेगी। मई-जून के बीच इन इलाकों में झुलसा देने वाली लू चलने की आशंका है और बारिश की उम्मीद भी कम रहेगी।

अल नीनो के कारण मानसून पर काले बादल मंडरा रहे हैं, जिससे खेती और जल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।


ओडिशा से होगी गर्मी की शुरुआत

आमतौर पर गर्मी की पहली दस्तक ओडिशा से होती है। इस बार स्थिति थोड़ी अलग है। विशेषज्ञों का कहना है कि ओडिशा में गर्मी ज्यादा महसूस होगी, मुख्यतः प्रदूषण और शहरीकरण की वजह से।

कोलंबिया यूनिवर्सिटी के शोध के अनुसार, भले ही यह गर्मी 2024 जितनी भयंकर न हो, लेकिन अल नीनो का असर जून-जुलाई तक बना रहेगा। इससे मानसूनी बारिश में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर, आने वाले कुछ साल कुदरत के बदलते और गर्म होते मिजाज के बीच गुजारने होंगे।