छत्तीसगढ़ बिक रहा है! ‘विकास’ के नाम पर जल-जंगल-जमीन की लूट, AAP का BJP सरकार पर सीधा हमला
उद्योगपतियों के लिए लाल कालीन, आदिवासियों के लिए बेदखली! छत्तीसगढ़ की एक-एक इंच जमीन दांव पर
रायपुर, 24 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ में खनिज संपदाओं के दोहन और जंगल कटाई को लेकर सियासत तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने बीजेपी की विष्णुदेव साय सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि विकास के नाम पर केवल उद्योगपतियों का विकास हो रहा है, छत्तीसगढ़ का नहीं। राजधानी रायपुर स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में AAP नेताओं ने सरकार पर कानून और संविधान को ठेंगा दिखाकर जल-जंगल-जमीन निजी पूंजीपतियों को सौंपने का आरोप लगाया।
“यह लड़ाई सिर्फ आदिवासियों की नहीं, पूरे छत्तीसगढ़ की है”
AAP के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने कहा कि सरकार जानबूझकर इस संघर्ष को केवल आदिवासियों की लड़ाई बताकर उन्हें विकास विरोधी साबित करने की साजिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि दंतेवाड़ा, भानुप्रतापपुर, कोरबा, रायगढ़ और सरगुजा जैसे क्षेत्रों से दशकों से खनिज संपदाओं का दोहन हो रहा है, लेकिन वहां असल विकास कहीं नजर नहीं आता।
“फायदा सिर्फ मुट्ठी भर लोगों को मिला है, और उसी को सरकार विकास का नाम दे रही है।”
“फर्जी ग्राम सभा, फर्जी जनसुनवाई… और जंगलों पर बुलडोजर”
AAP की प्रदेश उपाध्यक्ष व प्रवक्ता प्रियंका शुक्ला ने आरोप लगाया कि
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अमेरा में फर्जी ग्राम सभा नहीं हो पाई तो कोल बेरिंग एक्ट का हवाला देकर जबरन काम शुरू कर दिया गया
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तमनार के 14 गांवों में फर्जी जनसुनवाई कर दी गई
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रायगढ़ के मुड़ापार में जंगल काट दिए गए
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और अब बैलाडीला में युवाओं का आक्रोश फूट पड़ा है
उन्होंने कहा कि सरकार जिंदल और अडानी जैसे बड़े पूंजीपतियों के सामने नतमस्तक हो चुकी है।
“अगर यही चलता रहा तो छत्तीसगढ़ की एक इंच जमीन, जंगल और पहाड़ भी नहीं बचेगा।”
तमनार हिंसा, मौत और जांच—सब दबा क्यों दिया गया?
प्रियंका शुक्ला ने सरकार से तीखे सवाल पूछे—
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तमनार हिंसा में अब तक न्यायिक जांच क्यों नहीं बनी?
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जिंदल की कोयला गाड़ी से कुचले गए बुजुर्ग की मौत का सच क्यों दबाया गया?
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हसदेव में फर्जी ग्राम सभाओं पर, जबकि अनुसूचित जनजाति आयोग ने गड़बड़ी मानी, अब तक कार्रवाई क्यों नहीं?
“आंदोलन नेताओं का नहीं, जनता का है”
प्रदेश अध्यक्ष (कर्मचारी विंग) विजय कुमार झा ने कहा कि
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हसदेव और तमनार में 5-5 हजार लोग सड़कों पर उतरे
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बैलाडीला में भी वैसा ही आक्रोश दिख रहा है
“सरकार नक्सलियों से बात को तैयार है, लेकिन किसानों, युवाओं और आम जनता से क्यों नहीं?”
पाँचवीं अनुसूची की खुलेआम अनदेखी?
प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी ने कहा कि
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पाँचवीं अनुसूचित क्षेत्र में नियम-कानून लागू नहीं हो रहे
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ग्राम सभा की अनुमति के बिना खनन और परियोजनाएं मंजूर की जा रही हैं
“जिंदल को फायदा पहुंचाने के लिए किसान और पुलिस को आमने-सामने कर दिया गया।”
AAP की चेतावनी—अब बड़ा आंदोलन तय!
प्रदेश अध्यक्ष (यूथ विंग) इमरान खान ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा—
“चंद पूंजीपतियों की दलाली बंद करो, जनता के साथ खड़े हो।”
अगर सरकार ने समय रहते जनता के हित में कदम नहीं उठाए, तो AAP सरगुजा, अमेरा, तमनार, बैलाडीला समेत पूरे प्रदेश में आदिवासियों, किसानों और युवाओं के साथ बड़ा आंदोलन छेड़ेगी।
