मेले में मौत का झूला! चलते-चलते टूटा ‘डैगन झूला’, 30 लोग घायल, बच्चों की चीखों से कांपा मेला

झाबुआ (मध्य प्रदेश)।
हंसी-खुशी और रंगीन रोशनी से सजा प्रसिद्ध ‘महाराज नो मेलो’ उस वक्त दहशत का मैदान बन गया, जब मेले में चल रहा डैगन झूला अचानक भरभराकर टूट गया। सोमवार शाम हुए इस दर्दनाक हादसे में 13 छात्राओं समेत 14 बच्चे घायल हो गए, जबकि अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स में 30 लोगों के जख्मी होने की पुष्टि की जा रही है।


झूला टूटा और मच गई चीख-पुकार

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, झूला तेज रफ्तार से नीचे आ रहा था, तभी अचानक एक जोरदार आवाज के साथ वह टूट गया और जमीन पर आ गिरा।
अचानक हुए इस हादसे से मेले में अफरा-तफरी मच गई। बच्चों की चीखें, रोते-बिलखते परिजन और भगदड़ जैसे हालात पैदा हो गए।


2 छात्राओं की हालत गंभीर, ICU में शिफ्ट की तैयारी

हादसे में घायल बच्चों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
👉 2 छात्राओं को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में रखा गया है।
👉 जरूरत पड़ने पर उन्हें ICU में शिफ्ट किया जा सकता है।
चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल सभी घायलों की स्थिति स्थिर है।


ओवरलोड और पुराना झूला बना हादसे की वजह?

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि—

  • झूला काफी पुराना था

  • उसमें क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया गया था

इसी लापरवाही को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। अब मेले में लगे बाकी झूलों की फिटनेस पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।


कलेक्टर मौके पर पहुंचीं, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर नेहा मीना जिला अस्पताल पहुंचीं और घायलों का हालचाल जाना।
उन्होंने डॉक्टरों को सख्त निर्देश दिए कि इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही न हो

हादसे की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रियल जांच दल गठित किया गया है, जिसमें शामिल हैं—

  • अपर कलेक्टर

  • अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक

  • PWD के कार्यपालन यंत्री

  • विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारी

  • शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी


मेला बंद, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग

हादसे के बाद 19 जनवरी को ही मेला बंद कर दिया गया।
स्थानीय लोगों और परिजनों ने मेला आयोजन समिति और सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।