हर 8 मिनट में एक मौत! भारत में सर्वाइकल कैंसर बनता जा रहा है साइलेंट किलर AIIMS–ICMR की डराने वाली रिपोर्ट, समय रहते नहीं चेते तो बढ़ेगा खतरा

Cervical Cancer: भारत में हर 8 मिनट में सर्वाइकल कैंसर से एक महिला की मौत

भारत में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक चिंताजनक और डराने वाली तस्वीर सामने आई है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश में सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) इतनी तेजी से फैल रहा है कि हर 8 मिनट में एक महिला अपनी जान गंवा रही है
एम्स (AIIMS) के विशेषज्ञों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर समय रहते जांच और बचाव नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में हालात और भी भयावह हो सकते हैं।

📊 क्या है मौत के आंकड़ों का खौफनाक सच?

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और AIIMS के विशेषज्ञों के अनुसार—

  • भारत में हर साल करीब 1.23 लाख महिलाएं सर्वाइकल कैंसर की चपेट में आती हैं।

  • इनमें से लगभग 77,000 महिलाओं की मौत इसी बीमारी के कारण हो जाती है।

  • इस कैंसर की सबसे बड़ी वजह ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) है, जो शारीरिक संपर्क के जरिए फैलता है।

🏥 AIIMS दिल्ली की बड़ी पहल: मुफ्त जांच और वैक्सीनेशन

राहत की बात यह है कि सर्वाइकल कैंसर से पूरी तरह बचाव संभव है। इसी दिशा में AIIMS दिल्ली ने खास मुहिम शुरू की है—

  • फ्री स्क्रीनिंग:
    31 जनवरी तक 30 से 65 वर्ष की महिलाएं, सोमवार से शुक्रवार (सुबह 9 से दोपहर 3 बजे) तक मुफ्त जांच करवा सकती हैं। इसमें सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर दोनों की स्क्रीनिंग शामिल है।

  • वैक्सीनेशन सुविधा:
    9 से 14 साल की बच्चियों के लिए हर शनिवार (सुबह 9 से दोपहर 12 बजे) AIIMS की नई बिल्डिंग में HPV वैक्सीन दी जा रही है।

🚨 इन लक्षणों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज

डॉक्टरों के अनुसार, शरीर में दिखने वाले ये संकेत खतरे की घंटी हो सकते हैं—

  • पीरियड्स के अलावा या संबंध के बाद अचानक ब्लीडिंग

  • मेनोपॉज के बाद भी खून आना

  • प्राइवेट पार्ट से बदबूदार डिस्चार्ज या सफेद पानी

  • पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द

🛡️ बचाव के 3 सबसे असरदार तरीके

  1. वैक्सीन ही सबसे बड़ी ढाल: 9–14 साल की उम्र में HPV टीका सबसे ज्यादा प्रभावी है। डॉक्टर की सलाह से 45 साल तक भी लगवाया जा सकता है।

  2. नियमित पैप स्मीयर टेस्ट: 30 की उम्र के बाद समय-समय पर जांच बेहद जरूरी है।

  3. स्वच्छता और सतर्कता: साफ-सफाई और सुरक्षित शारीरिक संबंध HPV के खतरे को काफी कम करते हैं।