नई दिल्ली : टेलिकॉम क्षेत्र की प्रमुख कंपनी वोडाफोन आइडिया (Vi) को केंद्र सरकार से बड़ी राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है। लंबे समय से भारी कर्ज और नकदी संकट से जूझ रही इस कंपनी के लिए सरकार कुछ ऐसे विकल्पों पर विचार कर रही है, जिससे AGR (एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू) से जुड़ा बोझ कुछ समय के लिए टाला जा सके।
शेयर बाजार में दिखी असर
खबर सामने आने के बाद Vi के शेयरों में तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में शेयर 3% तक बढ़कर 12 रुपए पर ट्रेड कर रहे थे, हालांकि बाद में हल्की बिकवाली के कारण यह 11.63 रुपए पर बंद हुए। कंपनी की मार्केट कैप 1,26,002.95 करोड़ रुपए है।
AGR बोझ से कंपनी दबाव में
वोडाफोन आइडिया पर AGR से जुड़ी देनदारी लंबे समय से सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। हर साल ब्याज जुड़ने के कारण वित्तीय दबाव और बढ़ रहा था, जिससे नेटवर्क विस्तार, नई तकनीक में निवेश और रोजमर्रा के खर्च निकालना मुश्किल हो रहा था।
सरकारी राहत मिलने पर कंपनी को चार-पांच साल की मोहलत मिल सकती है, जिसमें बकाये पर कोई नया ब्याज नहीं लगेगा। इससे Vi को अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने और भविष्य की रणनीति बनाने का समय मिलेगा।
कुल देनदारी पर पुनर्विचार
सरकारी स्तर पर AGR देनदारी की फिर से समीक्षा करने की संभावना है। इसके लिए विशेष समिति बनाई जा सकती है, जो टेलीकॉम विभाग और कंपनी दोनों के पक्ष सुनकर अंतिम राशि तय करेगी। अनुमान है कि अंतिम देनदारी वर्तमान आंकड़ों से काफी कम हो सकती है।
AGR संकट का इतिहास
AGR विवाद की जड़ पिछले वर्षों के न्यायालय के फैसले में है, जिसमें टेलिकॉम कंपनियों की आय की परिभाषा व्यापक मानी गई थी। इसके बाद कंपनियों पर भारी लाइसेंस और स्पेक्ट्रम चार्ज का बोझ पड़ा, जिससे यह मुद्दा पूरे सेक्टर के लिए चिंता का विषय बन गया।
सरकारी हिस्सेदारी और निवेश की उम्मीद
वोडाफोन आइडिया में केंद्र सरकार की बड़ी हिस्सेदारी है। पहले भी सरकार ने बकाया राशि का एक हिस्सा शेयरों में बदलकर राहत दी थी। सरकारी समर्थन मिलने पर Vi के लिए नए निवेश और फंडिंग के अवसर बढ़ सकते हैं, जिससे घरेलू और विदेशी निवेशकों का भरोसा लौटने की संभावना है।
