Shivraj Patil Death: सुबह 6:30 बजे क्या हुआ? पूर्व गृह मंत्री शिवराज पाटिल के निधन की वजह जानकर देश में छाया सन्नाटा

मुंबई अटैक के बाद आलोचना झेलने वाले वरिष्ठ कांग्रेस नेता का 91 साल की उम्र में लातूर में निधन

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का आज लातूर में निधन हो गया।
91 वर्षीय पाटिल लंबे समय से बीमार थे और घर पर ही मेडिकल देखरेख में थे। सुबह करीब 6:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

 किस वजह से हुआ निधन? — लंबे समय से बीमार, घर पर ही चल रहा था इलाज

शिवराज पाटिल पिछले कई महीनों से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। उम्र से जुड़ी बीमारियों के चलते उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी।
इसी वजह से वे घर पर ही निगरानी में थे और आज सुबह उनकी तबीयत अचानक ज्यादा खराब हो गई, जिसके बाद उनका निधन हो गया।

 7 बार लातूर से लोकसभा सांसद — लंबा और प्रभावशाली करियर

पाटिल ने अपने राजनीतिक करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं—

  • सात बार लातूर लोकसभा सीट से जीत

  • लोकसभा स्पीकर (1991–1996)

  • केंद्रीय कैबिनेट में डिफेंस, कॉमर्स सहित कई अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी

लोकसभा स्पीकर रहते हुए उन्होंने संसद के कंप्यूटराइजेशन और जानकारी को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने जैसे बड़े कामों का समर्थन किया।

 मुंबई 26/11 अटैक—जिस घटना ने बदल दी पाटिल की राजनीतिक दिशा

नवंबर 2008 के मुंबई टेरर अटैक के दौरान शिवराज पाटिल केंद्रीय गृह मंत्री थे।
इस बड़े सुरक्षा चूक के बाद उनके कार्यकाल की तीखी आलोचना हुई।
और 30 नवंबर 2008 को राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया।

उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ा—ऐसा कदम भारतीय राजनीति में बेहद कम देखने को मिलता है।

 पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेटर भी रहे

केंद्रीय राजनीति से हटने के बाद भी उनका सार्वजनिक जीवन खत्म नहीं हुआ।

  • 2010–2015: पंजाब के गवर्नर

  • चंडीगढ़ के एडमिनिस्ट्रेटर

उनका करियर 1980 के दशक से 2004 तक लोकसभा में लगातार सक्रिय भूमिका के लिए जाना जाता है।

 देश ने एक अनुभवी और शांत स्वभाव वाले नेता को खो दिया

उनके निधन ने कांग्रेस और पूरी राजनीतिक दुनिया को एक बड़ा झटका दिया है।
लातूर और महाराष्ट्र में उनके समर्थक गहरे शोक में हैं।