“गंदी-गंदी गालियां, धक्के, कॉलर पकड़ा… मौत से पहले Luthra Brothers के क्लब में क्या हुआ था? पीड़िता ने खोला काला राज!”

गोवा क्लब फायर ट्रैजेडी से पहले की दहला देने वाली रात की दास्तां

गोवा के चर्चित ‘बिर्च बाय रोमियो लेन’ नाइट क्लब में 25 लोगों की मौत वाले भीषण अग्निकांड से पहले भी यह क्लब खतरनाक घटनाओं का अड्डा बना हुआ था। अब सामने आई एक युवती की दर्दनाक आपबीती ने लूथरा ब्रदर्स द्वारा चलाए जा रहे इस क्लब की अंदरूनी सच्चाई को उजागर कर दिया है।

वैभवी नाम की युवती ने बताया कि 6-7 नवंबर की रात क्लब में उसके साथ, उसकी बहन और भाई के साथ बाउंसरों ने गालियां, धक्कामुक्की और मारपीट की—और ये सब बिना किसी वाजिब वजह के हुआ।

क्लब में घुटन, एक ही रास्ता और बदतमीजी—“जैसे जाल में फंस गए हों”

वैभवी के मुताबिक क्लब की बनावट ही बेहद खतरनाक है। केवल एक एंट्री और एक एग्जिट गेट होने से भीड़ में घुटन और भगदड़ जैसा माहौल बन जाता है।

3 नवंबर की सुबह करीब 3 बजे वैभवी, उसका चचेरा भाई और करीब 12 दोस्त बाहर निकल रहे थे। रास्ते में रखी एक कुर्सी को भाई ने हल्का-सा पैर से सरका दिया। बस इसी छोटी-सी बात पर क्लब मैनेजर आगबबूला हो गया।

मैनेजर ने:

  • भाई का कॉलर पकड़ लिया

  • गंदी भाषा का इस्तेमाल किया

  • बदतमीजी से चिल्लाने लगा

“माफी मांगी, फिर भी पीछा किया… और महिलाओं को सीढ़ियों से फेंक दिया”

वैभवी बताती हैं कि वे सभी माफी मांगकर निकलने लगे, लेकिन तभी मैनेजर ने बाउंसर्स को बुला लिया।

फिर जो हुआ, उसने सभी को दहला दिया—

  • बाउंसरों ने पीछे भागकर हमला किया

  • बहन की छाती पर मुक्का मारा

  • इतनी जोर से धक्का दिया कि वह सीढ़ियों से नीचे गिर पड़ी

  • रास्ता बंद कर दिया ताकि कोई बाहर न निकल पाए

  • भाई पर रॉड से हमला कर दिया

वैभवी के अनुसार, “बाउंसर ऐसी गालियां दे रहे थे, जो मैंने जिंदगी में कभी नहीं सुनी थीं।”

FIR से हटाए गए क्लब मालिक—पुलिस पर सवाल

वैभवी अगली सुबह अंजुना पुलिस स्टेशन पहुंचीं। काफी मशक्कत के बाद FIR तो दर्ज हुई, लेकिन बाद में पुलिस ने क्लब मालिकों, लूथरा ब्रदर्स के नाम शिकायत से हटा दिए।

तर्क दिया गया कि—
“वे घटना के समय मौजूद नहीं थे।”

लेकिन पीड़िता का आरोप है कि सब कुछ उनकी नाक के नीचे होता रहा, व्यवस्थाएं उन्हीं की थीं और क्लब में ऐसी घटनाएं आम थीं।

“अग्निकांड की खबर सुनकर दुख हुआ, लेकिन हैरानी नहीं”—पीड़िता का बड़ा आरोप

वैभवी ने कहा—

“क्लब की हालत, बनावट, भीड़भाड़ और बदतमीजी देखकर मुझे पहले से लगता था कि यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।”

गोवा अग्निकांड में 25 मौतों की खबर सुनकर वे दुखी तो हुईं, पर हैरान नहीं—क्योंकि क्लब की इमारत, सुरक्षा प्रबंध और बाउंसरों की गुंडागर्दी पहले ही एक बड़ा खतरा बनी हुई थी।

गोवा में महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

इस घटना के सामने आते ही कई सवाल खड़े होते हैं—
क्या पर्यटक गोवा में सुरक्षित हैं?
क्या नाइट क्लबों में बाउंसरों को खुलेआम हिंसा की छूट मिल चुकी है?
और सबसे बड़ा सवाल—क्या पुलिस सच में इन मामलों को गंभीरता से ले रही है?