छत्तीसगढ़ में बढ़ी ठंड, मैनपाट में पर्यटकों का रेला शुरू

अंबिकापुर: तीन दिन की राहत के बाद हिमाचल की सर्द हवाओं ने सरगुजा संभाग में एक बार फिर ठंडक बढ़ा दी है। उत्तर-पश्चिमोत्तर हवाओं के असर से रात का तापमान लगातार गिर रहा है। बुधवार को न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे सरगुजा छत्तीसगढ़ का सबसे ठंडा इलाका बन गया।

मौसम की विशेष स्थिति

पूर्व में खाड़ी क्षेत्र में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के कारण हवाओं की दिशा बदलकर दक्षिण और पूर्व हुई थी, जिससे शीतलहर से थोड़ी राहत मिली थी और न्यूनतम तापमान लगभग 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। लेकिन अब हवा की दिशा बदलकर उत्तर-पश्चिमोत्तर हो गई है, जिससे हिमालय और राजस्थान के रेगिस्तान की ठंडी हवाएं सरगुजा तक पहुंच रही हैं।

पर्यटकों का मैनपाट रुख

ठंड बढ़ने के साथ ही मैनपाट में दूर-दूर से पर्यटक आने लगे हैं। आमतौर पर दिसंबर में पर्यटकों का रेला शुरू होता है, लेकिन इस साल यह एक सप्ताह पहले ही शुरू हो गया। पर्यटन विभाग के अनुसार, मैनपाट के दोनों मोटल अब अगले कई दिनों तक पूरी तरह बुक हैं।

पर्यटन विभाग की तैयारी

मैनपाट में मौसम का आनंद लेने वाले पर्यटकों के लिए सुविधाओं और ठहराव की पूरी तैयारी की गई है। विभाग का कहना है कि इस मौसम में पर्यटक ठंड का आनंद लेने के साथ ही प्राकृतिक दृश्य और शीतलहर का अनुभव कर सकते हैं।

छत्तीसगढ़ में बढ़ती ठंड ने न सिर्फ मौसम का रंग बदल दिया है, बल्कि मैनपाट पर्यटन को भी उत्साही बनाकर लोगों को आकर्षित कर रहा है।