CG BREAKING: चैतन्य बघेल की न्यायिक रिमांड 10 दिसंबर तक बढ़ी
शराब घोटाला मामले में बड़ा अपडेट, EOW ने 7,000 पन्नों का छठवां पूरक चालान पेश किया
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में आज बड़ा अपडेट सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को आज विशेष ACB/EOW कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उनकी न्यायिक रिमांड 14 दिनों के लिए बढ़ाते हुए 10 दिसंबर 2025 तक जेल भेजने का आदेश दिया। चैतन्य बघेल पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें करोड़ों की अवैध कमाई प्राप्त करने का दावा शामिल है।
EOW ने 6 आरोपियों के खिलाफ 7,000 पन्नों का छठवां पूरक चालान पेश किया
शराब घोटाले की जांच में EOW ने आज एक और बड़ा कदम उठाते हुए 8th ACB/EOW कोर्ट में छठवां पूरक चालान दाखिल किया।
इस चालान में शामिल नाम—
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पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास
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अतुल सिंह
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मुकेश मनचंदा
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नितेश पुरोहित
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यश पुरोहित
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दीपेंद्र चावड़ा
करीब 7,000 पन्नों का यह पूरक चालान सिंडिकेट की कार्यप्रणाली, वित्तीय लेन-देन और आरोपियों की भूमिकाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करता है। इसे जांच के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
3200 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला
ED ने इस घोटाले की जांच सबसे पहले शुरू की थी और ACB में FIR दर्ज कराई थी। FIR में लगभग 3,200 करोड़ रुपये के घोटाले का दावा किया गया है।
जांच में सामने आया कि तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में IAS अनिल टुटेजा, पूर्व आबकारी आयुक्त AP त्रिपाठी, और कारोबारी अनवर ढेबर की अगुवाई में एक मजबूत सिंडिकेट बनाया गया था, जिसने बड़े पैमाने पर अवैध वसूली और भ्रष्टाचार को अंजाम दिया।
जन्मदिन पर गिरफ्तार हुए थे चैतन्य बघेल
ईडी ने चैतन्य बघेल को 18 जुलाई 2025, यानी उनके जन्मदिन पर, भिलाई स्थित निवास से PMLA 2002 के तहत गिरफ्तार किया था।
जांच IPC की विभिन्न धाराओं एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत EOW द्वारा दर्ज FIR पर आधारित थी।
ED ने बताया कि घोटाले से प्रदेश के राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा और 2,500 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई सिंडिकेट से जुड़े लोगों तक पहुंचाई गई।
ED का दावा—चैतन्य बघेल को मिले 16.70 करोड़ रुपये
ED ने कोर्ट में दावा किया कि चैतन्य बघेल को शराब सिंडिकेट से 16.70 करोड़ रुपये नकद दिए गए थे, जिन्हें उन्होंने विभिन्न रियल एस्टेट कंपनियों और प्रोजेक्ट्स में उपयोग किया।
मुख्य आरोप—
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ठेकेदारों को नकद भुगतान
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नकद के बदले बैंक एंट्री
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फर्जी निवेश
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फ्लैट खरीद की आड़ में मनी लॉन्ड्रिंग
जांच में यह भी पाया गया कि चैतन्य बघेल ने कारोबारी त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ मिलकर “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट” में कर्मचारियों के नाम पर फर्जी फ्लैट खरीद दिखाते हुए 5 करोड़ रुपये की अवैध राशि ट्रांसफर की।
कई बड़े नाम पहले से गिरफ्तार
इस घोटाले में पहले ही कई हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं, जिनमें शामिल हैं—
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पूर्व IAS अनिल टुटेजा
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ITS अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी
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कारोबारी अनवर ढेबर
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बिल्डर त्रिलोक सिंह ढिल्लों
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पूर्व आबकारी अधिकारी अरविंद सिंह
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पूर्व मंत्री एवं विधायक कवासी लखमा
जांच जारी, और गिरफ्तारियों की संभावना
ED की कार्रवाई आगे भी जारी है और आने वाले दिनों में और पूरक चालान व गिरफ्तारियाँ संभव हैं।
