कोलकाता। बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की चूक पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
उप चुनाव आयुक्त ज्ञानेश भारती ने कोलकाता में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बयान दिया। बैठक में आयोग के वरिष्ठ अधिकारी, उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिलों तथा कोलकाता उत्तर और कोलकाता दक्षिण लोकसभा क्षेत्रों के निर्वाचन अधिकारी और मतदाता पंजीकरण अधिकारी (ERO) मौजूद थे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने भी इस बैठक में भाग लिया।
बैठक में अधिकारियों ने SIR प्रक्रिया की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुति दी। आयोग ने इस दौरान यह रेखांकित किया कि प्रक्रिया में किसी भी लापरवाही की स्थिति में जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
जानकारी के अनुसार, राज्य में शाम 6 बजे तक कुल 7.63 करोड़ गणना फार्म वितरित किए जा चुके हैं, जो वितरित फार्म का 99.66 प्रतिशत है। वहीं, 1.09 करोड़ मतदाता प्रपत्रों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है, जो वितरित कुल प्रपत्रों का 14.24 प्रतिशत है।
चुनाव आयोग की टीम ने इसके बाद नदिया और मुर्शिदाबाद जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर SIR प्रक्रिया की प्रगति का जायजा लिया।
