खून से लाल हुआ बॉर्डर! हिड़मा के बाद अब नक्सली लीडर ‘जोगा’ ढेर — जंगल में दो दिन तक चली मौत की जंग
सुकमा। नक्सल मोर्चे से एक और बड़ी व सनसनीखेज खबर सामने आई है। देश के सबसे दुर्दांत माओवादियों में शामिल और सुकमा के पूवर्ती का कुख्यात माड़वी हिड़मा का बुधवार को अंत हो गया था। उसे उसकी पत्नी राजे सहित 6 नक्सलियों के साथ छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर सुरक्षाबलों ने मार गिराया था। लेकिन इसी जगह पर अगले ही दिन जंगल एक बार फिर गोलियों की आवाज़ से दहल उठा।
ताज़ा जानकारी के मुताबिक, आज सुबह फिर एक बड़ी मुठभेड़ हुई और सुरक्षा बलों ने एक बार फिर भारी सफलता हासिल की है। इस एनकाउंटर में कुल 7 नक्सलियों का सफाया किया गया है। मारे गए माओवादियों में 4 पुरुष और 3 महिला नक्सली शामिल हैं।
सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि ढेर किए गए नक्सलियों में एक बड़ा नाम — जोगा उर्फ टेक शंकर, जो नक्सलियों का महत्वपूर्ण लीडर माना जाता था, भी मारा गया है।
मुठभेड़ के बाद की गई सर्चिंग में पुलिस को 2 AK-47 सहित कुल 8 हथियार बरामद हुए हैं। लगातार दो दिनों तक चली इन मुठभेड़ों ने नक्सली नेटवर्क को तगड़ा झटका दिया है।
इससे पहले मंगलवार की सुबह लगभग 6 बजे, इसी इलाके में सुरक्षाबलों ने माओवादी सीसी सदस्य माड़वी हिड़मा और उसकी पत्नी राजे समेत 6 नक्सलियों को ढेर किया था। मई महीने में भी छत्तीसगढ़ में ही नक्सल उन्मूलन अभियान के दौरान माओवादी संगठन के पूर्व महासचिव नंबाला केशव उर्फ बसवा राजू को मार गिराया गया था।
दो दिनों में हुई इन मुठभेड़ों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जंगलों में सुरक्षा बल और नक्सलियों के बीच मौत की यह जंग अभी खत्म नहीं हुई, लेकिन लगातार हो रही सफलता नक्सल उन्मूलन अभियान को नए मुकाम पर पहुंचा रही है।
