खाद्य सुरक्षा और पारदर्शिता में मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला बना उदाहरण
डिजिटल नवाचार और प्रभावी क्रियान्वयन से उपभोक्ताओं व किसानों को मिल रहा लाभ
मोहला। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष में नवगठित मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला खाद्य सुरक्षा, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए राज्य की विकास यात्रा में अपनी सशक्त पहचान बना चुका है। वर्ष 2000 में राजनांदगांव जिले के अंतर्गत आने वाला यह क्षेत्र, जिला बनने के बाद प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और तकनीकी नवाचार के माध्यम से निरंतर प्रगति कर रहा है।
जिले की 197 शासकीय उचित मूल्य दुकानें अब पूर्णत: ऑनलाइन हैं और ई-पॉस मशीन व आधार प्रमाणीकरण प्रणाली से जुड़ी हुई हैं। इस व्यवस्था से राशन वितरण में पारदर्शिता आई है और हितग्राहियों को सही मात्रा में तथा समय पर खाद्यान्न मिल रहा है। अब लाभार्थी किसी भी उचित मूल्य दुकान से राशन प्राप्त कर सकते हैं, जिससे यह पहल डिजिटल सशक्तिकरण और प्रशासनिक पारदर्शिता का उत्कृष्ट उदाहरण बन गई है।
राशनकार्ड धारकों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जिला गठन के समय जहां 69,025 राशनकार्ड थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 77,930 हो गई है। इनमें से 72,917 बीपीएल और 5,013 एपीएल परिवार शामिल हैं। यह वृद्धि राज्य की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र परिवारों तक योजनाओं के विस्तार का प्रमाण है।
महिलाओं को सशक्त बनाने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए जिले में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का सफल क्रियान्वयन किया गया है। इस योजना के तहत 49,526 पात्र परिवारों को नि:शुल्क एलपीजी कनेक्शन प्रदान किए गए हैं, जिससे ग्रामीण महिलाओं को धुएं से मुक्ति मिली है और घरों में स्वच्छता व स्वास्थ्य में सुधार हुआ है।
किसानों की आर्थिक सुरक्षा के लिए जिले में 27 धान खरीदी केंद्र संचालित हैं, जहां एमएसपी पर पारदर्शी तौल व डिजिटल भुगतान व्यवस्था लागू है। अब किसान स्वयं ऑनलाइन ऐप से टोकन जारी कर रहे हैं, जिससे त्वरित भुगतान और विश्वास दोनों बढ़े हैं।
पिछले 25 वर्षों में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने ऑनलाइन राशन वितरण, शिकायत निवारण पोर्टल, हितग्राही सत्यापन प्रणाली और मोबाइल ऐप आधारित निगरानी जैसे नवाचारों के माध्यम से सुशासन की नई मिसाल पेश की है।
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला आज छत्तीसगढ़ की डिजिटल विकास यात्रा में अग्रणी बन चुका है। सेवा, तकनीक और पारदर्शिता के संगम से यह जिला खाद्य सुरक्षा से आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
