गाजीपुर में दर्ज दहेज हत्या के केस में सामने आया चौंकाने वाला खुलासा, महिला ग्वालियर में अपने प्रेमी के साथ रह रही थी
गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ दहेज हत्या का केस दर्ज होने वाली महिला रुचि यादव जिंदा पाई गई। प्रारंभिक शिकायत में दावा किया गया था कि उसकी हत्या उसके ससुरालवालों ने दहेज के लिए कर दी है, लेकिन पुलिस जांच में पता चला कि वह मध्य प्रदेश के ग्वालियर में अपने प्रेमी के साथ रह रही थी।
मामला बरहापार भोजुराई गांव का है। 3 अक्टूबर को रुचि की माता राजवंती देवी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि रुचि की हत्या ससुरालवालों ने दहेज के लिए कर दी और शव को ठिकाने लगा दिया गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने रुचि के पति राजेंद्र यादव, सास कमली देवी और चार अन्य परिजनों के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया।
पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मोबाइल ट्रैकिंग के जरिए रुचि की खोज शुरू की। जांच में पता चला कि रुचि जिंदा है और ग्वालियर में अपने प्रेमी गजेन्द्र यादव के साथ रह रही थी। 7 अक्टूबर को पुलिस ग्वालियर पहुंची और रुचि को बरामद किया। पूछताछ में रुचि ने बताया कि उसकी शादी राजेंद्र यादव से परिवार की मर्जी से हुई थी, जबकि उसका प्यार गजेन्द्र यादव से था। शादी के कुछ समय बाद उसने अपने प्रेमी के साथ रहने के लिए ससुराल छोड़ दिया।
सर्किल ऑफिसर रामकृष्ण तिवारी ने बताया कि जांच में साबित हो गया कि महिला जिंदा है और दहेज हत्या का मामला पूरी तरह झूठा था। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रुचि के पति राजेंद्र यादव ने कहा कि उन पर झूठा केस दर्ज कर उन्हें बदनाम किया गया। उनकी मां कमली देवी ने भी इस मामले में निर्दोष होने की बात कही और फर्जी केस दर्ज करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने रुचि को बरामद करने के बाद मेडिकल जांच कराई और कोर्ट में पेश किया।
यह मामला झूठी रिपोर्ट दर्ज कर लोगों को फंसाने की प्रवृत्ति को उजागर करता है और पुलिस अब इस मामले में कार्रवाई करने की तैयारी में है।